धर्मशाला, मुनीष दीक्षित। एक माह से प्रदेश में जिन बसों को स्कूली बच्चों के लिए सबसे अधिक सुरक्षित माना जा रहा था...जिन बसों पर उपमंडल स्तर से लेकर जिलास्तर तक मंथन हो रहा था...वही बड़ी बस कई बच्चों के काल का ग्रास बन गई। पहाड़ की ढलानदार सड़कों पर एक साथ कई घरों के चिराग ले जा रही बस एक संकरी सड़क में कई फीट नीचे जा गिरी और चंद सेकेंड में ही कई घरों की उम्मीदों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए तो कइयों  को ऐसे जख्म दे गए जिसकी भरपाईशायद अब कभी न हो।

जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां सड़क का कुछ भाग काफी समय पहले गिरा था। यहां छह माह पहले एक ट्रक भी हादसे का शिकार हो चुका है लेकिन सत्ता के आसरे चल रही लाभ की ठेकेदारी के कार्य के हाथ यहां तक पहुंच ही नहीं पाए। कभी विभाग ने भी पैरापिट से लेकर क्रैश बैरियर लगाने तक की जहमत यहां नहीं उठाई। प्रशासन भी स्कूलों को छोटी बसों की जगह बड़ी पीले रंग की बसों को चलाने के बार-बार कोर्ट नियमों के हवाले से आदेश तो देता रहा, लेकिन कभी यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के मंजर को समझा तक नहीं गया। 

कांगड़ा जिले में अगर सड़कों की स्थिति को ही देखें तो यहां 6034 किमी लंबी सड़कें हैं। गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछाया गया है लेकिन विकास की आंधी में अब भी इसमें 1126 सड़कें ऐसी हैं, जो आज तक पक्की नहीं हो पाई है। जिस उपमंडल में यह हादसा हुआ, वहां सड़कों की कुल लंबाई 547 किमी है, लेकिन इसमें अब भी 100 किमी सड़कें पक्की नहीं हो पाई है। इस हादसे का कारण बने नूरपुर के गुरचाल-ठेहड़ मार्ग का कुछ हिस्सा पक्का है तो इसी मार्ग में हादसे वाले स्थान में बरसात में सड़क को हुए नुकसान की आज तक भरपाई तक नहीं की गई। हादसे का कारण अब भले ही एक बाइक सवार को बताया जा रहा हो लेकिन हादसे वाले स्थान में बरसात में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, वहां एक गहरी खाई और मार्ग बेहद संकरा बन चुका था लेकिन एक सामान्य सी सड़क में भी पैरापिट से लेकर क्रैश बैरियर की बौछार करने वाले लोक निर्माण विभाग ने न इस सड़क को ठीक करना जरूरी समझा और न ही कोई क्रैश बैरियर तक लगाया। नतीजा नियमों को पूरा कर रही एक 52 सीटर स्कूल बस ताबूत बन गई। 

हादसे के बाद तुरंत संबंधित अधिकारियों को राहत व बचाव के निर्देश दे दिए गए थे। मैं खुद व एसपी कांगड़ा मौके पर पहुंच गए थे। हादसे में प्रभावित परिवारों को पांच लाख की फौरी राहत दी गई है। हरसंभव मदद की जाएगी।'

-संदीप कुमार, डीसी कांगड़ा।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है।

-संतोष पटियाल, एसपी, कांगड़ा।

बस 52 सीटर थी और अब तक यह सूचना मिली है कि यह विपरीत दिशा से दूसरी दिशा में गिरी है। जहां हादसा हुआ है, वहां रोड भी खराब है। मामले की जांच की जा रही है।

-डॉ. विशाल शर्मा, आरटीओ, धर्मशाला

 जिस सड़क पर हादसा हुआ है, वहां सड़क को लेकर पूरी रिपोर्ट नूरपुर मंडल से मांगी गई है। अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई होगी। मैं खुद मौके का दौरा करूंगा।'

-एसके गंजू, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, धर्मशाला मंडल। 

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