गगल, जेएनएन। गगल स्थित कांगड़ा हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में बकरे और मुर्गे काटकर बेचे जा रहे हैं। इस वजह से आसमान में कई पक्षी मंडराते रहते हैं, जो हवाई अड्डे में आने वाले विमानों के लिए खतरा बन रहे हैं। आसमान में मंडराते यह पक्षी उड़ान भरने और लैंडिंग करते वक्त कभी भी हवाई जहाज से टकराकर बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस समस्या के हल के लिए शुक्रवार को हवाई अड्डे में एडीएम एमआर भारद्वाज की अध्यक्षता में बैठक हुई। कांगड़ा एयरपोर्ट के निदेशक सोनम नुरबू ने बताया के हवाई अड्डे के दो या तीन किलोमीटर की परिधि में कोई व्यक्ति मुर्गा या बकरे नहीं काट सकता।

अगर कोई इसकी अवहेलना करता पकड़ा जाता है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उनके अनुसार जहां मुर्गे या बकरे काटते हैं, वहां कई प्रकार के पक्षी मंडराने शुरू हो जाते हैं। इसी वजह से विमान उड़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मंडराते हुए पक्षियों की वजह से जहाज के उड़ान भरने और लैंडिंग करने के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही शिमला की भांति गगल क्षेत्र में भी बड़ा स्लाटर हाउस बनाने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद एरोड्रम कमेटी की भी बैठक भी हुई। उसमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रूपरेखा तैयार की गई।

 

Posted By: Babita