त्रिउंड ट्रैक पर अब नहीं उमड़ेगी भारी भीड़, वीकेंड के वायरल वीडियो के बाद हिमाचल सरकार ने तय कर दी टूरिस्ट लिमिट
त्रिउंड ट्रैक पर पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बाद वन विभाग ने प्रतिदिन अधिकतम एक हजार पर्यटकों को ही जाने ...और पढ़ें

धर्मशाला के त्रिउंड ट्रैक पर उमड़े पर्यटक व लगे टेंट। फोटो पिछले वीकेंड का है।
HighLights
त्रिउंड ट्रैक पर प्रतिदिन 1000 पर्यटकों की सीमा तय।
वन विभाग ने पर्यावरणीय वहन क्षमता को ध्यान में रखा।
बिना पर्ची प्रवेश पर कार्रवाई, जुर्माना लगाने का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित प्रसिद्ध त्रिउंड ट्रैक पर वीकेंड के दौरान उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़ के बाद वन विभाग ने पर्यटकों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया है। अब त्रिउंड ट्रैक पर प्रतिदिन अधिकतम एक हजार पर्यटकों को ही जाने की अनुमति होगी। हिमाचल सरकार के वन विभाग ने यह निर्णय त्रिउंड लैंडस्केप की निर्धारित पर्यटक वहन क्षमता को ध्यान में रखते हुए लिया है।
पिछले लंबे वीकेंड के दौरान त्रिउंड में पर्यटकों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई थी। करीब 1700 पर्चियां काटी गईं, जबकि अलग-अलग माध्यमों से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में ट्रैक पर सैकडों पर्यटकों की भीड़ दिखाई दी। इससे ट्रैक पर पर्यटकों के दबाव और व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई।
इंटरनेट मीडिया पर भी त्रिउंड की भीड़ की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। वन विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब त्रिउंड जाने वाले पर्यटकों के लिए प्रतिदिन अधिकतम एक हजार पर्चियां ही जारी की जाएंगी। पर्यटकों को बिना पर्ची के ट्रैक पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
विभाग की ओर से पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए संबंधित ऑपरेटर्स को भी निर्धारित सीमा के अनुसार ही पर्चियां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ सकता है असर
वन विभाग का कहना है कि त्रिउंड क्षेत्र की प्राकृतिक क्षमता और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करना जरूरी है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के एक साथ पहुंचने से ट्रैक पर दबाव बढ़ने के साथ-साथ सफाई, कचरा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों पर भी असर पड़ सकता है।
तय संख्या से अधिक या बिना पर्ची जाने पर होगी कार्रवाई
नई व्यवस्था के तहत निर्धारित संख्या से अधिक पर्यटकों को त्रिउंड भेजने अथवा बिना पर्ची के प्रवेश करवाने पर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर वन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाने का प्रविधान भी रहेगा। वन विभाग की ओर से पर्यटकों और ट्रैक संचालन से जुड़े लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
लगता है शुल्क
त्रिउंड धर्मशाला का प्रमुख पर्यटन एवं ट्रैकिंग स्थल है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ट्रैक पर जाने के लिए वन विभाग द्वारा एक दिन के ट्रैक के लिए 100 रुपये व वहां पर रात में रहने के लिए 275 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क भी तय किया हुआ है।
त्रिउंड ट्रैक की पर्यावरणीय वहन क्षमता को ध्यान में रखते हुए अब प्रतिदिन अधिकतम एक हजार लोगों को ही जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित संख्या के अनुसार ही पर्चियां जारी की जाएंगी और बिना पर्ची किसी भी पर्यटक को ट्रैक पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
-अमित शर्मा, डीएफओ, धर्मशाला।
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