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3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी से संवरेगा 400 साल पुराना श्रीचामुंडा माता मंदिर का गर्भगृह, श्रद्धालु कर रहे दान

By Rajinder Dogra Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 27 Sep 2026 03:41 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध श्री चामुंडा माता मंदिर का गर्भगृह इस साल के अंत तक 3 किलो सोने और 6 ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में स्थित श्रीचामुंडा माता मंदिर।

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में स्थित श्रीचामुंडा माता मंदिर।

HighLights

  1. गर्भगृह का नवीनीकरण 3 किलो सोने और 6 क्विंटल चांदी से होगा।

  2. 400 साल पुराने श्री चामुंडा माता मंदिर का जीर्णोद्धार इस साल पूरा होगा।

  3. भक्त और सामाजिक संस्थाएं मंदिर नवीनीकरण के लिए दान कर रहे हैं।

संवाद सहयोगी, योल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री चामुंडा माता मंदिर का गर्भ गृह इसी साल के अंत तक नए रूप में सजेगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने अनुमानित 3 किलो सोना और 2.85 क्विंटल चांदी इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है माता के गर्भगृह में 6 क्विंटल चांदी का इस्तेमाल होगा। इसके लिए माता के भक्तों ने हामी भरी है। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी दान करने के लिए हाथ बढ़ाए हैं।

हालांकि दानी सज्जनों ने अपना नाम जाहिर करने से मना किया है। इसी तरह कुछ दानी सज्जन मंदिर के नवीकरण का कार्य भी करवा रहे हैं।

400 साल पुराना मंदिर

कांगड़ा स्थित श्री चामुंडा मंदिर करीब 400 साल पुराना है। बाण गंगा के तट पर स्थित यह मंदिर मां दुर्गा के उस उग्र रूप को समर्पित है, जिन्होंने चंड मुंड नाम के राक्षसों का संहार किया था। इसके बाद कौशिकी ने उन्हें चामुंडा नाम से विभूषित किया।

2.10 करोड़ से करवाए कार्य 

इससे पहले मंदिर प्रशासन ने अनुमानित 2.10 करोड़ रुपये से लोक निर्माण विभाग से लेंटल लेवल तक का कार्य करवाया था। इसी बीच एक दानी सज्जन ने मंदिर के गुंबद ओर अन्य फिनिशिंग का कार्य करने को हामी भरी। अब बाकी का कार्य वहीं दानी सज्जन करवा रहे हैं। इस पर करीब 4-5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

गर्भगृह में वियतनाम का मार्बल

गर्भ गृह में वियतनाम मार्बल का प्रयोग किया जा रहा है। बाकी हिस्सों में राजस्थान के मकराना का मार्बल प्रयोग किया जा रहा है। गर्भ गृह के वाह्य भी पुराने प्रांगण को उखाड़ कर मार्बल डालने का कार्य चला हुआ है। गर्भ गृह के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई के तीन गुंबद बनाए जा रहे हैं, इससे मंदिर पताका दूर से ही नजर आने लगेगी।

क्या कहते हैं मंदिर अधिकारी

मंदिर अधिकारी राकेश कुमार चौधरी ने बताया कि गर्भ गृह तथा मां के सिंहासन के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से करीब 3 किलो सोना और करीब 2.85 क्विंटल चांदी जो मंदिर में मौजूद है, सजावट के लिए दी जा रही है। बाकी का कार्य विभिन्न संस्थाओं के दानी सज्जन करवा रहे हैं। इसी साल मंदिर के नवीकरण का कार्य पूरा हो जाने की उम्मीद है।

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