पालमपुर, जेएनएन। उपमंडल पालमपुर में लगातार हो रही बारिश ने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की

पोल खोल दी है। बारिश की वजह से प्रतिदिन सड़कों के गिर रहे डंगे एवं पेड़ों से यातायात प्रभावित हो रहा है। इससे यात्री तो परेशानी झेल रहे हैं, आम लोगों को जान का खतरा बन रहा है। शुक्रवार को भी कई जगह सड़क पर पेड़ गिरे, जिससे यातायात ठप हो गया। अरला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल का एक हिस्सा धंस गया, जिससे कुछ समय के लिए वाहनों के पहिये थम गए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही दो जगह विशाल पेड़ गिरने से लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। 

शुक्रवार को मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर अरला गांव के पास बने पुल का एक हिस्सा धंस गया। इस

वजह से लंबे समय पर यातायात बाधित रहा। हालांकि लोक निर्माण विभाग एवं ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी से यातायात को शीघ्र ही बहाल कर दिया गया, मगर पुल का एक हिस्सा गिरने से संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। बताया जा रहा है कि पहले भी इस पुल का दूसरी तरफ का हिस्सा धंस चुका है। उस ओर सड़क भी भूस्खलन के कारण बह गई थी। अब दूसरे छोर पर सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। इसी मार्ग पर फरेढ़ और सब्जी मंडी पालमपुर के निकट पेड़ गिर गए। सब्जी मंडी के समीप बड़ा पेड़ गिरने से दोनों ओर करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लाइनें लग गई।

एक घंटे से अधिक समय तक वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। हैरानी की बात है कि सूचना मिलते ही यातायात पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया, मगर राष्ट्रीय राजमार्ग के विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की कोई खबर नहीं लगी। ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने एक जीप के सहारे पेड़ को हटाने का प्रयास किया, मगर कामयाबी नहीं मिल सकी। उपमंडल कार्यालय से मात्र 500 मीटर दूरी पर गिरे इस पेड़ को हटाने में प्रशासन ने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई। साढ़े बारह बजे गिरे पेड़ को एक घंटे के बाद भी हटाया नहीं जा सका।

राहगीरों ने पेड़ के सूखे हिस्से को हटाकर छोटे वाहनों के लिए रास्ता तो बना लिया मगर बड़े वाहनों की आवाजाही दो घंटे के बाद बहाल हो सकी। इस दौरान लंबे रूट की बसों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह नेशनल हाईवे पर ही फरेढ़ में गिरे पेड़ ने भी काफी समय तक यातायात बाधित किया।

 

By Babita