मान सिंह वर्मा, चंबा

तकनीक के इस दौर में पेपर लेस कार्य होने के साथ लेन-देन भी डिजिटल माध्यम से होने लगा है। डिजिटल लेन-देन होने से लोग बिना कैश घूमते हैं। इससे जेबकतरों की लूट से तो लोग बच रहे हैं, लेकिन साइबर अपराधियों के झांसे में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराधी ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। यूपीआइ, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे डेबिट व क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी, सिम क्लोन के माध्यम से ठगी करने के लिए साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। आकांक्षी जिला चंबा भी साइबर अपराधियों के जाल में फंसने लगा है। जिले में डेढ़ साल में 1,53,37,135 रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं।

साइबर विशेषज्ञों की मानें तो लोग आधार नंबर की मदद से अंगूठा लगाकर नकदी प्राप्त करते हैं। इससे आधार नंबर व अंगूठे के निशान सरकारी साइट पर चला जाता है। साइबर अपराधी सरकारी साइट से डाटा चुरा लेते हैं। इसके बाद ओटीपी व फोन नहीं आता है और खाते से पैसे निकल जाते हैं।

फेक आइडी बनाकर भी की जा रही ठगी

फेक फेसबुक आइडी बनाकर भी शातिर मैसेंजर से मैसेज भेजकर बीमारी व अन्य बहाने बनाकर पैसों की मांग करते हैं। फेसबुक फ्रेंड बनी शातिर युवती भी ब्लैकमेल करने जैसे हथकंडे अपनाकर युवाओं से ठगी करती है। फेसबुक आइडी हैक कर पैसे मांगने में भी शातिर माहिर हो गए हैं।

लाटरी का मैसेज भेजकर लगाया जा रहा चूना

शातिरों की ओर से फोन पर भेजे गए लाटरी निकलने के लिक को ओपन करने पर ओटीपी आता है। इसे डालने पर फोन पे, नोटिफिकिनेशन, यूपीआइ एप के माध्यम से राशि खाते से निकाल ली जाती है। कई कंपनियां बोनस देने का मैसेज भेजती हैं। जैसे ही मैसेज ओपन किया जाता है तो फोन पर शातिर बातों में उलझा लेते हैं। इसके बाद खाते से राशि निकाल ली जाती है। इन दिनों सेक्सटार्शन गैंग भी सक्रिय हो गया है। इससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

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वर्ष,कुल मामले,साइबर अपराध, ठगी,यौन शोषण

2020,1300,11,5040000,5

2021,810,6,10297135,1

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डिजिटल युग में साइबर अपराध के मामलों में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। लोग बैंक की डिटेल आदि शेयर न करें। इन दिनों सेक्सटार्शन गैंग भी काफी सक्रिया है। लोग इसके झांसे में न आएं। पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है और साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया है।

-अभिमन्यु वर्मा, डीएसपी हेडक्वार्टर चंबा

Edited By: Jagran