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'पुरुषों को बच्चेदानी का ऑपरेशन कब से होने लगा?' CM सुक्खू का बड़ा हमला, हिमकेयर फर्जी बिलों पर उठाए सवाल 

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:21 PM (IST)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिल्ह में भाजपा विधायक डॉ. जनक राज पर हिमकेयर योजना में फर्जी बिलों और राजनीतिक वफादारी को लेकर तीखा हमला बोला।

चंबा में सीएम सुक्खू। फोटो जागरण

चंबा में सीएम सुक्खू। फोटो जागरण

HighLights

  1. सुक्खू ने डॉ. जनक राज पर हिमकेयर में फर्जी बिलों का आरोप लगाया।

  2. पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन बिल पर मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए।

  3. जियालाल कपूर का टिकट कटने और विकास पर भी तंज कसा।

संवाद सहयोगी, चंबा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भरमौर के लिल्ह में भाजपा की पदयात्राओं और लोकतंत्र बचाने के दावों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए। लिल्ह की जनसभा से मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि भरमौर में मुकाबला केवल विकास के दावों तक सीमित नहीं रहने वाला।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिल्ह की जनसभा से भाजपा विधायक डा. जनक राज पर ऐसा राजनीतिक हमला बोला कि हिमकेयर योजना के कथित फर्जी बिलों से लेकर भाजपा की टिकट वितरण व्यवस्था तक को अपने निशाने पर ले लिया। मुख्यमंत्री के भाषण में स्वास्थ्य व्यवस्था, विकास और राजनीतिक वफादारी तीनों मुद्दे छाए रहे। सबसे ज्यादा चर्चा पुरुषों की बच्चेदानी के आपरेशन वाले तंज की रही।

मुख्यमंत्री ने हिमकेयर योजना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई इस योजना में अनियमितताएं हुईं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पुरुषों की भी बच्चेदानी होती है, जिसका आपरेशन किया जाता है?

आरोप लगाया कि डा. जनक के नाम से पुरुषों की बच्चेदानी के आपरेशन के बिल भी बनाए गए। उन्होंने कहा कि गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए शुरू की गई योजना में इस तरह की गड़बड़ियां नहीं होनी चाहिए थीं। मुख्यमंत्री ने उस समय आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

जियालाल की वफादारी और जनक की एंट्री पर तंज

मुख्यमंत्री ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर चोट करते हुए पूर्व विधायक जियालाल कपूर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जियालाल वर्षों तक भाजपा के लिए झंडे-डंडे उठाते रहे, जगह-जगह पार्टी का प्रचार करते रहे, लेकिन जब टिकट देने की बारी आई तो उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अस्पताल में सेवाएं दे रहे चिकित्सक अचानक राजनीति में आए और जियालाल का टिकट काटकर खुद चुनाव मैदान में उतर गए।

चिकित्सक से विधायक बने, अब विकास पर दें जवाब

डा. जनक राज के गांवों में जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करने पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यूरोसर्जन होने के नाते डा. जनक को गंभीर बीमारियों का विशेषज्ञ ज्ञान है। यदि केवल दवाइयां लिखनी थीं तो वह आईजीएमसी में एमएस रहते हुए भी कर सकते थे।

अब उन्हें विधानसभा में क्षेत्र की समस्याएं उठाने और विकास के लिए काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पूछा कि जब सरकारी स्कूलों में पांचवीं के बच्चे दूसरी कक्षा की किताबें नहीं पढ़ पा रहे थे और भरमौर के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी थी, तब विधायक कहां थे? होली-उतराला सड़क के अलावा क्षेत्र की अन्य समस्याएं अब अचानक कैसे दिखाई देने लगीं?

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