मिथुन ठाकुर, चंबा

लोक निर्माण विभाग मंडल चंबा के अधीन सात नई सड़कों के निर्माण के बीच जमीन का रोड़ा अटक गया है। सड़कों के निर्माण को लेकर लोगों द्वारा अपनी निजी भूमि विभाग के नाम नहीं किए जाने के कारण इनका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्माण कार्य को शुरू करवाने व जमीन विभाग के नाम करवाने के लेकर अभी करीब तीन-तीन बार बैठकें की जा चुकी हैं। लेकिन ये सभी बैठकें बेनतीजा रही हैं।

आज भी घघरोथा, धामग्रां, मैंगल, घतरेड़, अठलुईं, कुरेल तथा खैगा आदि गांव की सैकड़ों की आबादी सड़क सुविधा से महरूम है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार उक्त गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार सर्वे करने के साथ-साथ लोगों को आपसी तालमेल बैठाने व सड़क से होने वाले लाभों के बारे में बताया जा चुका है। लेकिन इसका अभी तक असर देखने को नहीं मिला है। बहरहाल, जब तक भूमि मालिक अपनी सड़क निर्माण के बीच आ रही अपनी निजी भूमि को विभाग के नाम नहीं करते हैं। तब तक उक्त सात गांवों तक सड़क का निर्माण हो पाना काफी मुश्किल है।

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इन सड़कों को लेकर नहीं हुई जमीन विभाग के नाम

-सिल्लाघ्राट से घघरोथा

-कोहलड़ी से धामग्रां

-सिल्लाघ्राट से मैंगल

-पनेला से घतरेड़

-कीड़ी से अठलुईं

-रजिडु से कुरेल

-कैला से खैगा

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लोक निर्माण विभाग मंडल चंबा के तहत आने वाली उक्त सड़कों के निर्माण के बीच लोगों की जमीन आ रही है जिसे लोगों द्वारा अभी तक विभाग के नाम नहीं किया गया है। सड़क निर्माण को लेकर मैंने जनप्रतिनिधियों व भूमि मालिकों के साथ तीन-तीन बार से अधिक बैठकें की हैं। लेकिन इसके बावजूद भी लोगों की ओर से जमीन विभाग के नाम नहीं की गई है, जिस कारण इनका कार्य नहीं हो पाया है। विभाग सड़क निर्माण को लेकर युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है। लोगों से अपील है कि जमीन को विभाग के नाम करें, ताकि बिना किसी रुकावट सड़कें निर्धारित गांव तक पहुंच सकें।

-जीत सिंह ठाकुर, अधिशाषी अभियंता लोनिवि मंडल चंबा।

Edited By: Jagran