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मणिमहेश यात्रा: राधाष्टमी पर कितने बजे से है शाही स्नान का शुभ मुहूर्त, शिव चेले निभाएंगे सदियों पुरानी परंपरा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 13 Sep 2026 02:12 PM (IST)Updated: Sun, 13 Sep 2026 02:54 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश की श्री मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी के शाही स्नान की तिथियां और शुभ मुहूर्त स्पष्ट हो गए हैं। ...और पढ़ें

मणिमहेश यात्रा का शाही स्नान 18 सितंबर से होगा। जागरण आर्काइव

मणिमहेश यात्रा का शाही स्नान 18 सितंबर से होगा। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. राधाष्टमी शाही स्नान 18 सितंबर दोपहर 1 बजे से शुरू होगा।

  2. शिव चेले 18 सितंबर को डल तोड़ने की रस्म निभाएंगे।

  3. स्नान 19 सितंबर शाम 3:28 बजे तक निरंतर चलेगा।

जागरण टीम, चंबा। हिमाचल प्रदेश की श्री मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी के बड़े न्हौण (शाही स्नान) को लेकर तिथियों और शुभ मुहूर्त की स्थिति स्पष्ट हो गई है। परंपरा के अनुसार 18 सितंबर को संचुई गांव के शिव चेलों की ओर से दोपहर करीब 12 बजे पवित्र झील पार कर डल तोड़ने की सदियों पुरानी ऐतिहासिक रस्म निभाई जाएगी। इस रस्म के संपन्न होते ही दोपहर 1:00 बजे से देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए राधाष्टमी का पावन शाही स्नान विधिवत रूप से आरंभ होगा।

शिव चेले निभाएंगे परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आम श्रद्धालुओं के डल झील में उतरने से पहले त्रिलोचन महादेव के वंशज संचूई के शिव चेले सप्तमी तिथि के दौरान झील पार कर स्नान का शुभारंभ करते हैं। पंचांग और गणना के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल सप्तमी 17 सितंबर को सुबह 10:49 बजे शुरू होगी और 18 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे तक रहेगी। इसी समयावधि में 18 सितंबर को शिव चेले डल झील पहुंचकर झील पार करने की पारंपरिक प्रक्रिया पूरी करेंगे।

18 को दोपहर एक बजे से शुरू होगा स्नान

इसके बाद 18 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे से राधाष्टमी पर्व का मुख्य स्नान काल शुरू हो जाएगा, जो 19 सितंबर को शाम 3:28 बजे तक निरंतर चलेगा। इस निर्धारित अवधि में श्रद्धालु पवित्र मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर सकेंगे।

छड़ी यात्राएं भी पहुंचने लगी

जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह सहित विभिन्न राज्यों से छड़ी यात्राओं और श्रद्धालुओं के जत्थों का भरमौर पहुंचने का सिलसिला भी तेज हो गया है। श्रद्धालु मुख्य स्नान के सही समय और देव छड़ियों के प्रस्थान को लेकर लगातार संपर्क साध रहे हैं, ताकि यात्रा का सही तालमेल बना रहे।

शाही स्नान का विशेष धार्मिक महत्व

मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी का शाही स्नान विशेष धार्मिक महत्व रखता है। परंपरा के अनुसार सप्तमी के दिन शिव चेले डल झील को पार कर स्नान की प्रक्रिया का शुभारंभ करते हैं। 17 सितंबर सुबह 10:49 से 18 सितंबर दोपहर 1:00 बजे तक सप्तमी रहेगी। इसके तुरंत बाद 18 सितंबर दोपहर 1:00 बजे से राधाष्टमी का पर्व आरंभ होगा, जो 19 सितंबर शाम 3:28 बजे तक रहेगा।
-पंडित छज्जू राम शर्मा, प्रमुख पुजारी, चौरासी मंदिर भरमौर।

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