भरमौर, जेएनएन। मणिमहेश झील में 17 सितंबर को होने वाले राधाष्टमी स्नान के लिए भरमौर में श्रद्धालुओं की संख्या में फिर से इजाफा होने लगा है। जन्माष्टमी स्नान के बाद से श्रद्धालुओं का मणिमहेश झील में स्नान लगातार जारी है। लेकिन, छोटे व बड़े न्हौण को छोड़कर अन्य दिनों में संख्या इतनी अधिक नहीं रहती है। इन श्रद्धालुओं में भद्रवाह के श्रद्धालुओं की यात्रा की विशेष पहचान है। ये श्रद्धालु सामान्य स्नान के बजाए निर्धारित विशेष तिथियों को ही स्नान करते हैं, जिनमें जन्माष्टमी व राधाष्टमी दिवस के स्नान शामिल हैं। वहीं, इन श्रद्धालुओं की यात्रा का निर्धारित समय, पथ व पड़ाव हैं, जिसका अनुसरण वे पीढ़ी दर पीढ़ी वर्षों से करते आए हैं।

राधाष्टमी स्नान के लिए इन भद्रवाही श्रद्धालुओं का पहला जत्था मंगलवार सुबह ढोल, नगाड़ों, बांसुरी व कंसी की धुन पर शिव गुणगान करते हुए भरमौर पहुंचा। भरमौर पहुंच कर इन श्रद्धालुओं ने चौरासी मंदिर परिसर स्थित विभिन्न मंदिरों में पड़ाव डालना शुरू कर दिया है। अगले सप्ताह तक इन शिव भक्तों के भरमौर पहुंचने की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। राधाष्टमी पर होने वाले बड़े स्नान के लिए काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद रहती है। हर वर्ष यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं। इस बार भी काफी अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद है।

उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पृथीपाल सिंह ने कहा कि भद्रवाही श्रद्धालुओं के रात्रि ठहराव के लिए यदि जगह कम पड़ती है तो वे हेलिपैड का एक हिस्सा यात्रियों के ठहरने के लिए हेली टैक्सी कंपनियों से खाली करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों के हेलिपैड में ठहराव के दौरान हेलिकॉप्टर उड़ाने भी करवाई जा सकेंगी, जिसके लिए श्रद्धालुओं के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत चल रही है।