यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नरेड़ में भूस्खलन, कंपनी की कालोनी पर गिरे पत्थर
नकरोड़-बघेइगढ़-चांजू-चरड़ा मार्ग पर नरेड़ के समीप रविवार देर शाम भूस्खलन हो गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ गई।

संवाद सहयोगी, तीसा : नकरोड़-बघेइगढ़-चांजू-चरड़ा मार्ग पर नरेड़ के समीप रविवार देर शाम भूस्खलन हो गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ गई। वहीं निचली तरफ लगते आइए एनर्जी पावर प्रोजेक्ट की कालोनी पर भी पत्थर जा गिरे। पत्थर छत को चीरते हुए कमरे के भीतर जा घुसे। गनीमत यह रही कि पत्थरों की चपेट में कोई भी वर्कर नहीं आया। बताया जा रहा है कि पत्थर गिरने के कारण आइए एनर्जी कंपनी को करीब 10 लाख का नुकसान हुआ है।
रविवार शाम करीब 7.30 बजे अचानक कालोनी के ऊपरी तरफ लगती पहाड़ी से पत्थर नीचे गिरने लगे। पत्थरों के गिरने की आवाज सुनकर वर्कर अपनी जान बचाने के लिए भागे। इस दौरान एक के बाद एक बड़े-बड़े पत्थर कालोनी की छतों को चीरते हुए भीतर घुस गए। इसके अलावा मशीनरी पर भी पत्थर गिरे। यह हादसा और बड़ा हो सकता था क्योंकि भूस्खलन के कारण एक बड़ी चट्टान भी अपने स्थान से खिसक कर सड़क पर आ गिरी थी। यदि यह चट्टान निचली तरफ गिरती तो भारी तबाही मच सकती थी। भूस्खलन के बाद खतरे को भांपते हुए करीब 25 वर्करों को देहरोग पंचायत प्रधान ने रात को अपने घर में पनाह दी जिससे वर्करों ने राहत की सांस ली।
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मार्ग बंद होने से बढ़ी लोगों की दिक्कतें
उक्त मार्ग पर रविवार शाम को भूस्खलन होने के कारण करीब पांच पंचायतों के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। रविवार शाम को उक्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रहने के कारण करीब तीन बसों सहित अन्य छोटे-बड़े वाहन फंसकर रह गए। इससे बघेईगढ़, चांजू, चरड़ा, देहरा तथा दियोला पंचायत के लोग वाहनों के माध्यम से तीसा व अन्य क्षेत्रों के लिए आवाजाही नहीं कर सके। जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है वहां से चरड़ा की दूरी करीब 10 किलोमीटर तो चांजू की दूरी करीब 18 है। ऐसे में जिन लोगों को जरूरी काम था वे लोग पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। इसके अलावा सोमवार को उक्त पंचायतों में न तो सब्जी की सप्लाई हो पाई और न ही दूध, ब्रेड सहित अन्य सामान पहुंच पाया।
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रविवार शाम को भूस्खलन के चलते आइए एनर्जी कंपनी की कालोनी में पत्थर गिरने के चलते करीब 10 लाख का नुकसान हुआ है। शाम को खतरा बढ़ गया था। पत्थरों ने छतों को चीरकर कमरों के भीतर रखे सामान को भी तहस-नहस कर दिया है। वहीं मशीनरी को भी काफी नुकसान हुआ है।
-सुनील गुलेरिया, प्रशासन प्रबंधक, आइएनर्जी पावर प्रोजेक्ट।
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पत्थर गिरने के कारण कालोनी को पैदा हुए खतरे को भांपते हुए मैंने वहां रह रहे वर्करों को अपने घर में रहने को कहा। रविवार रात को उन्हें अपने घर में ही रखा ताकि उनके साथ कोई अनहोनी न हो सके। साथ ही मार्ग को जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभाग से मांग की गई है।
-अनीता, प्रधान ग्राम पंचायत देहरोग।
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नकरोड़-बघेइगढ़-चांजू-चरड़ा मार्ग पर नरेड़ के समीप रविवार देर शाम भूस्खलन हो गया था जिस कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
-जोगेंद्र शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोनिवि तीसा।