यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jukaru Utsav 2023: 11,500 फीट ऊंचाई पर बसे इस गांव में जुकारु उत्सव की धूम, कठिनाईयों के बीच खुशी की लहर
Jukaru Utsav 2023 पांगी के सबसे ऊंचाई पर बसे चसक भटोरी गांव में भी आपसी भाईचारे का उत्सव जुकारु हर्षोल्लास ...और पढ़ें

पांगी, संवाद सहयोगी। पांगी के सबसे ऊंचाई पर बसे चसक भटोरी गांव में भी आपसी भाईचारे का उत्सव जुकारु हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चसक भटोरी में 19 परिवार रहते हैं। भारी बर्फबारी के कारण गांव कई दिनों तक देश व दुनिया से कटा रहता है। गांव तक सड़क सुविधा नहीं है। बिजली भी कभी कभार ही नसीब होती है। लेकिन जिओ नेटवर्क ने देश, दुनियां और अपनों से जरूर जोड़कर रखा है।
11,500 फीट की ऊंचाई पर बसा है ये गांव
यहां के लोग जुकारु को बड़े धूमधाम के साथ मनाते हैं। हालांकि यहां रहने वाले सभी परिवार बौद्धिष्ट हैं। चसक भटोरी गांव पांगी मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित है, जो कि करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है। गांव की आबादी करीब डेढ सौ तक है। गांव के लोगों को ग्राम पंचायत मुख्यालय सैचु से 15 किलोमीटर सफर करके गांव में पहुंचना पड़ता है।
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जुकारु त्योहार की ऐसे होती है तैयारी
गांव के लोग जुकारु त्योहार के लिए पूरी तैयारी करते हैं। जुकारु के लिए मांस, मंडे, पात्र के साथ अन्य पकवान बनाए जाते हैं। यहां लोग एक-एक करके नहीं पूरा गांव एक घर में इकट्ठा होकर जुकारु उत्सव को मनाते हैं। खाने-पीने के साथ नाचने-गाने का कार्यक्रम सुबह से देर रात तक रहता है। जुकारु उत्सव के दिन लोगों की खास बात यह रहती है कि ये आटे के बकरे बनाते हैं और उसके सींग, कान व बाल माखन की बनाते हैं। जिससे बकरे बहुत अच्छे लगते हैं।
बकरे बनाने का ये है खास रहस्य
जुकारु में बकरे बनाने का एक खास रहस्य यह भी है कि राज बलि भगवान विष्णु के निर्देश पर मवेशियों की वृद्धि का वरदान देता है। मास्टर चैन सिंह बौद्ध का कहनाौ कि चसक भटोरी गांव पांगी का सबसे ऊंचाई पर बसा हुआ गांव है। यहां के लोग आपस में मिलकर हर त्योहार को बड़े धूमधाम के साथ मनाते हैं। इससे आपसी भाईचारा बढ़ता है। साथ ही त्योहार मनाने का भी अपना अगल आनंद आता है। लोगों का कहना है कि जुकारू को धूमधाम से मनाया जा रहा है।
