'68 जिले बना लो, फिर भी नहीं बचेगी कुर्सी', चंबा में सुक्खू सरकार पर बरसे जयराम ठाकुर
चंबा प्रवास के दौरान जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 68 जिले बनाने के बावजूद ...और पढ़ें

चंबा में सुक्खू सरकार पर बरसे जयराम ठाकुर।
HighLights
नए जिले बनाने से कांग्रेस सत्ता में नहीं लौटेगी
भाजपा सत्ता में आने पर नए जिलों की समीक्षा करेगी
सरकार राजनीतिक लाभ के लिए फैसले ले रही है
जागरण संवाददाता, चंबा। चंबा प्रवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार चुनावी लाभ के लिए आनन-फानन में नए जिले बना भी देती है, तो भाजपा सरकार बनने पर इन फैसलों की समीक्षा की जाएगी।
इसके बाद तय होगा कि संबंधित जिले वास्तव में जरूरी हैं या नहीं। चंबा में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ने स्पष्ट किया कि जिलों का भविष्य राजनीतिक घोषणाओं से नहीं, बल्कि प्रशासनिक जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखकर तय होना चाहिए।
राजनीतिक लाभ लेने के लिए फैसले कर रही है सरकार
वर्तमान सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए फैसले कर रही है। यदि विधानसभा चुनाव से पहले नए जिलों का गठन किया जाता है, तो भाजपा के सत्ता में आने पर इन निर्णयों की समीक्षा करेगी।
इसके बाद संबंधित क्षेत्रों की जरूरत, प्रशासनिक परिस्थितियों और जनता को मिलने वाली सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि केवल राजनीतिक उद्देश्य से लिए गए फैसलों को बिना पड़ताल जारी रखने की बाध्यता नहीं होगी।
अब नहीं होगी सत्ता में वापसी
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में 68 जिले भी बना दे, तब भी सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी। नए जिले बनाने की चर्चा से पहले प्रदेश की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।
जब वित्तीय संकट का हवाला दिया जा रहा है और कर्मचारियों के वेतन तथा पेंशनभोगियों की पेंशन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो इतने बड़े प्रशासनिक बदलावों के लिए संसाधन कहां से आएंगे?
उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सुविधाएं देना प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि चुनावी समीकरण साधना।
सरकार की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की भूमिका पर भी निशाना
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में कुछ प्रभावशाली अधिकारियों की भूमिका और विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
अधिकारियों के प्रदेश से बाहर जाने के रुख का उल्लेख करते हुए भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उनके अनुसार, सरकार को प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और प्रदेश की समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए।
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