- 02 वर्ष से तैयार है अस्पताल का नया भवन, विधायक पवन नैय्यर के निर्देश के बाद भी नहीं हो पा रही लोगों की दिक्कत कम

संवाद सहयोगी, चंबा : मेडिकल कॉलेज चंबा में कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के कारण मरीजों को फर्श पर सोना पड़ रहा है। अस्पताल की तीसरी व चौथी मंजिल पर मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते दिन तो कट जाता है, लेकिन रात होने पर कुछ मरीज फर्श पर सोने के लिए मजबूर हैं। मेडिकल कॉलेज के पास नया भवन भी तैयार है जहां मरीजों को शिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि कॉलेज में काफी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक बिस्तर हैं, जिन्हें नए भवन में रखा गया है। लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। समय-समय पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन नए भवन में मरीजों को शिफ्ट करने के लिए योजना तैयार करता है, लेकिन इस बात पर अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है। जबकि कॉलेज का नया भवन दो वर्ष पूर्व जुलाई 2016 में बनकर तैयार हो चुका है। अभी नए भवन में केवल दस से 12 मरीजों को ही शिफ्ट किया गया है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक बिस्तर पर तीन मरीजों का इलाज चल रहा है। इससे संक्रमण का खतरा है। इस बारे में कई बार स्थानीय नेता मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नए भवन में मरीजों को शिफ्ट करने के बारे में आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ समय पहले सदर विधायक पवन नैय्यर ने निर्देश दिए थे कि मेडिकल कॉलेज के नए भवन में मरीजों को शिफ्ट किया जाए, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। इससे यहां पर मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था के कारण आए दिन काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते दो दिन पूर्व भी पानी न होने के कारण मरीजों को दिक्कत पेश आई। उपायुक्त हरिकेश मीणा के निर्देश के बाद ही पानी की व्यवस्था हो पाई। सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी को तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन स्टाफ नर्सो की कमी के कारण मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। इससे मरीजों व तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।

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मरीजों को शिफ्ट करने के बारे में योजना बनाई जा रही है। उच्च अधिकारियों को इस बारे में बता दिया गया है। जल्द ही मरीजों को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा।

डॉ. विनोद शर्मा, मेडिकल कॉलेज चिकित्सा अधीक्षक चंबा।

Posted By: Jagran