हिमाचल के चंबा में बारिश का कहर, 15 वाहन मलबे में दबे; कई मकानों-दुकानों में घुसा मलबा
चंबा में भारी बारिश ने तबाही मचाई है, सरोल, परेल और तड़ोली में 15 वाहन मलबे में दब गए और कई घरों-दुकानों में पानी घुस गया।
HighLights
सरोल, परेल, तड़ोली में 15 वाहन मलबे में दबे।
ओबडी में घर पर पत्थर गिरे, लोग सुरक्षित बचे।
परैल पुल पर पानी भरा, चंबा-पठानकोट NH ठप।
संवाद सहयोगी, चंबा। चंबा के सुल्तानपुर वार्ड सहित आसपास की ग्राम पंचायतों में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश के कारण अचानक आए मलबे और पानी के तेज बहाव से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्राम पंचायत सरोल, परेल और तड़ोली में पानी और मलबा लोगों के घरों व दुकानों में घुस गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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बारिश के रौद्र रूप के कारण परेल स्थित पुल के ऊपर जलभराव हो गया है। इसके अलावा पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे परेल के पास पूरी तरह से ठप हो गया है।
ओबडी में घर पर गिरे पत्थर और मलबा
मूसलाधार बारिश के दौरान ओबडी क्षेत्र में भी खौफनाक मंजर देखने को मिला। पहाड़ी से अचानक दरककर भारी-भरकम पत्थर और मलबा एक रिहायशी मकान के ऊपर आ गिरा। पत्थर गिरते ही घर के अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि समय रहते लोग बाहर निकल आए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
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15 वाहन मलबे में दबे, सुल्तानपुर और घोलटी में बिगड़े हालात
बारिश के चलते सरोल और इसके अंतर्गत आने वाले 'घोलटी' क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। मलबा आने से करीब 15 छोटे-बड़े वाहन पूरी तरह दब गए हैं। वहीं, सुल्तानपुर में कॉलेज के समीप स्थित दुकानों और मकानों में भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया, जिससे लोगों को रात भर जागकर समय बिताना पड़ा।
गौरतलब है कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही दैनिक जागरण ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर सुल्तानपुर में संभावित खतरों के प्रति आगाह किया था। इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिसका खामियाजा आज स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल प्रभावितों ने मलबे में दबे वाहनों को सुरक्षित निकालने और एनएच को शीघ्र चालू करने की मांग की है।

ग्राम पंचायत सरोल के प्रधान विजय कुमार ने कहा कि सुबह-सुबह नुकसान का जायजा लेने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की टीम के साथ सरोल और अन्य क्षेत्र के प्रभावित इलाकों का दौरा किया गया है।
बारिश ने लोगों का भारी नुकसान किया है, कई गाड़ियां दब गई हैं और घरों में मलबा घुसा है। सुबह के समय प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा था। प्रभावित लोगों को तुरंत राहत और मुआवजा मुहैया कराया जाना चाहिए।
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चंबा के अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा ने कहा कि बारिश से हुए नुकसान की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीमों और संबंधित विभागों को तुरंत फील्ड में उतरने को कहा है। प्राथमिकता के आधार पर चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
