संवाद सहयोगी, चंबा : बेरोजगार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संगठन चंबा ने उपायुक्त हरिकेश मीणा के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मांगों के समर्थन में ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मांगों को पूरा करने की मांग की गई। इस दौरान मांग उठाई गई कि अन्य सभी विभागों की तरह महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अभ्यर्थियों के भी 50 फीसद पद बैचवाइज भरे जाएं।

महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता बबिता, सविता, सीमा, सृष्टा कुमारी, प्रियंका, निशा, विजेता, अनीता, सोनी, सत्या, रीना, पुष्पा, उमा, इरम, ताहिरा, वीना, मीनाक्षी, अनुराधा, शकुंतला, प्रीति ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2006 में डेढ़ साल का महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का डिप्लोमा किया है। तब से लेकर आज तक वे बेरोजगारी का दंश झेल रही हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर द्वारा हाल ही में पोस्ट कोड 651 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की परीक्षा ली गई थी। इसमें एएनएम के साथ जीएनएम एवं बीएससी नर्सिग के अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया, जोकि गलत है। सरकार द्वारा वर्ष 1999 के बाद से 2012 तक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की कोई भर्ती नहीं की गई है। 2012 के बाद 2014, 2016 व 2018 में कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से कमीशन द्वारा भर्तियां की गई। जीएनएम व बीएससी नर्सिग का सिलेबस एएनएम से काफी भिन्न है तथा दोनों कोर्सो की अवधि में भी काफी अंतर है। जहां जीएनएम साढ़े तीन साल, वहीं बीएससी नर्सिग चार साल का कोर्स है। एक साथ परीक्षा होने से एएनएम के अभ्यर्थी जीएनएम व बीएससी नर्सिग के अभ्यर्थियों से पिछड़ जाते हैं। सरकार द्वारा इनके लिए अलग से भी भर्तियां निकाली जाती हैं, जिस कारण जीएनएम व बीएससी नर्सिग के अभ्यर्थी दोहरा लाभ ले रहे हैं। संगठन ने मांग उठाई कि जो पोस्ट एएनएम के लिए निकाली जाती है, उस पर केवल एएनएम के अभ्यर्थी ही भाग लें।

Posted By: Jagran