30 KM कम होगा पठानकोट से चंबा-भरमौर का सफर, टनल और पुल बनेंगे; 3000 करोड़ रुपये से हाईवे का कायाकल्प होगा
हिमाचल प्रदेश में चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे पठानकोट से भरमौर का सफर लगभग एक घंटा कम ...और पढ़ें

चंबा-भरमौर सड़क का विस्तार होगा व दूरी भी कम होगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग का होगा पुनर्विकास।
पठानकोट से भरमौर का सफर एक घंटा घटेगा।
सुरंगें, पुल और एलिवेटेड रूट बनेंगे मार्ग पर।
संवाद सहयोगी, चंबा। हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) का कायाकल्प होने जा रहा है। इस मार्ग के पुनर्विकास के बाद पठानकोट से भरमौर के बीच का सफर लगभग एक घंटा कम हो जाएगा। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद अब इस महत्वपूर्ण परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
परियोजना के तहत तीखे और जोखिम भरे मोड़ों को समाप्त करने के लिए एनएच की पुरानी अलाइनमेंट में बदलाव किया जाएगा। मार्ग को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए इसमें टनल (सुरंगें), नए पुल और आवश्यकतानुसार एलिवेटेड रूट तैयार किए जाएंगे।
30 किलोमीटर कम हो जाएगा सफर
पठानकोट से भरमौर की दूरी वर्तमान में 172 किलोमीटर है। अगर यह नई प्रस्तावित योजना सिरे चढ़ती है तो करीब 30 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। करीब 3000 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। तीन साल में कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। दोनों महत्वपूर्ण सड़कों का जमीनी कार्य इसी वर्ष शुरू कर दिया जाएगा।
चंबा-किलाड़ मार्ग को भी स्वीकृति
यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के सदस्य एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने दी। हर्ष महाजन ने बताया कि पठानकोट-चंबा-भरमौर के साथ सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चंबा-किलाड़ मार्ग को भी स्वीकृति मिल चुकी है।
ये दोनों मार्ग चंबा जिले के विकास और आवागमन के लिए रीढ़ की हड्डी हैं। इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के लिए भारत सरकार की ओर से बजट स्वीकृत किया गया है।
डीपीआर का कार्य तेज
चंबा-भरमौर एनएच पर डीपीआर का कार्य तेजी से चल रहा है। नई अलाइनमेंट, टनल और एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनने से न केवल सफर का समय एक घंटा घटेगा, बल्कि मणिमहेश यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, स्थानीय जनजातीय आबादी और पर्यटकों को भूस्खलन व जाम के झंझट से स्थायी राहत मिलेगी।
हर्ष महाजन ने कहा कि वह स्वयं एनएचएआइ के सदस्य हैं, इसलिए इन सभी उच्चस्तरीय प्रोजेक्ट्स की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी कर रहे हैं ताकि निर्माण कार्य बिना किसी देरी के इसी साल शुरू हो सके।
चंबा हेलीपैड के लिए केंद्र ने जारी किए 13 करोड़
सड़क संपर्क के साथ-साथ जिले में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सांसद ने बताया कि चंबा हेलिपैड परियोजना के निर्माण के लिए भारत सरकार की ओर से 13 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। उन्होंने दोहराया कि जिले के जितने भी हाई-लेवल और दीर्घकालिक प्रोजेक्ट हैं, उन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरा करवाकर जनता को समर्पित किया जाएगा।
