यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भरमौर में धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन
संवाद सूत्र, भरमौर : उपमंडल भरमौर की हजारों की आबादी को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नह

संवाद सूत्र, भरमौर : उपमंडल भरमौर की हजारों की आबादी को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही। विशेषज्ञों की सेवाएं भी अस्पताल में नहीं मिल पा रहीं। खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 60 से 80 किलोमीटर का सफर तय कर जिला मुख्यालय की ओर रुख करना पड़ रहा है।
हालांकि भरमौर स्थित सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण यह भी सफेद हाथी साबित हो रही है। नतीजतन गर्भवती महिलाओं के लिए भरमौर या होली घाटी से जिला मुख्यालय का सफर गड्ढे भरों मार्ग पर तय करना पड़ रहा है और इस दौरान सफर में एक हल्की सी चूक का गर्भवती को बड़ा खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
बहरहाल प्रदेश में सत्ता परिर्वतन होने के बाद क्षेत्र के लोगों को भी अब नई सरकार से यहां पर सहूलियतें मिलने की आस पैदा हुई है। अहम है कि जनजातीय क्षेत्र भरमौर के तहत 29 ग्राम पंचायतें आती हैं जबकि दो दर्जन के करीब पंचायतें गैर जनजातीय क्षेत्र की हैं। क्षेत्र के लोगों की सहुलियत के लिए सिविल अस्पताल भरमौर में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई थी। लेकिन करीब छह माह से यह मशीन सफेद हाथी साबित हो रही है। चूंकि यहां पर तैनात स्पेशलिस्ट डॉ. आदित्य का चंबा के लिए तबादला हो चुका है। इसके बाद से सिविल अस्पताल भरमौर में स्थित अल्ट्रासाउंड मशीन को भी सील्ड कर दिया गया है।
भरमौर उपमंडल के अधीन आने वाले गरोला और होली अस्पताल में भी अभी तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति में हजारों की आबादी को जिला मुख्यालय की ओर रुख करना पड़ रहा है और मुख्यालय में भी घंटों कतार में लगने के बाद सुविधा मिल पा रही है।
अहम है कि गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह चिकित्सकों की ओर से दी जाती है। लेकिन समूचे भरमौर क्षेत्र में ही अभी तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।
मात्र दो वर्ष तक ही यहां पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा जनता को मिल पाई है। वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रदेश की नई सरकार से यहां की जनता को काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने नई सरकार से जल्द सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
