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चंबा के लियूंडी धार में दो दिनों से फंसे 24 श्रद्धालु सुरक्षित रेस्क्यू, भारी बारिश के बीच प्रशासन ने चलाया अभियान

Published: Thu, 02 Jul 2026 09:44 PM (IST)

लियूंडी धार में दो दिनों से फंसे 24 श्रद्धालुओं को भारी बारिश के बीच प्रशासन और पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।

लियूंडी धार में दो दिनों से फंसे सभी 24 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले (फोटो: जागरण)

लियूंडी धार में दो दिनों से फंसे सभी 24 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. लियूंडी धार में फंसे 24 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए।

  2. भारी बारिश से अस्थायी पुलिया बहने से फंसे थे।

  3. पर्वतारोहण संस्थान और एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू।

संवाद सहयोगी, भरमौर/चंबा। जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर की ग्राम पंचायत बड़ग्रां के अंतर्गत आने वाले अत्यधिक दुर्गम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले भद्रा क्षेत्र की लियूंडी धार में फंसे सभी 24 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू अभियान के तहत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

प्रतिकूल मौसम और मूसलाधार वर्षा के बीच चले इस बेहद चुनौतीपूर्ण संयुक्त आपरेशन की कमान प्रशासन और पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीम ने संभाली, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

घटनाक्रम के अनुसार कुल 50 से 60 श्रद्धालुओं का एक दल भद्रा गांव होते हुए छड़ोले वाली माता मंदिर में आयोजित वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना में शामिल होने के लिए लियूंडी धार गया था।

इसमें से करीब 25 से 30 लोग सुबह ही सुरक्षित वापस लौट आए थे, लेकिन शेष बचे श्रद्धालु लियूंडी नामक स्थान पर नाले को पार करते समय वहीं फंस गए। क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के कारण लियूंडी नाले का जलस्तर अचानक अत्यधिक बढ़ गया था, जिसकी वजह से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा श्रमदान से तैयार की गई अस्थायी लकड़ी की पुलिया (तरंगड़ी) पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई। नाले में पानी का रौद्र रूप होने के कारण श्रद्धालुओं का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया और वे बेहद दुर्गम इलाके में फंसकर रह गए।

दुर्गम पहाड़ियों में ऐसे की गई खाने-पीने की व्यवस्था

जैसे ही श्रद्धालुओं के फंसने की सूचना अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) कार्यालय भरमौर को प्राप्त हुई, प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एडीएम विकास शर्मा के निर्देशानुसार, रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले ही लोक निर्माण विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से एक विशेष टीम तैयार की गई।

इस टीम ने अत्यंत दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होते हुए फंसे हुए श्रद्धालुओं तक पर्याप्त मात्रा में राशन, खाद्य सामग्री और आवश्यक रसद पहुंचाई, ताकि कठिन मौसम में किसी भी श्रद्धालु को भूखा न रहना पड़े और उनकी ऊर्जा बनी रहे।

10 किलोमीटर दुर्गम पैदल रास्ते पर पहुंची टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए भरमौर से पर्वतारोहण संस्थान की छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को तुरंत लियूंडी धार के लिए रवाना किया गया था, जो भद्रा गांव में रात बिताने के बाद अगले दिन सुबह 10 किलोमीटर लंबे कठिन और दुर्गम पैदल रास्तों को पार कर घटनास्थल पर पहुंची।

इसके साथ ही, चंबा से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक विशेष टुकड़ी भी किसी भी आपात स्थिति और बैकअप सहयोग के लिए मौके पर तैनात रही। पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने अपने पेशेवर कौशल और सूझबूझ का परिचय देते हुए रस्सी और आवश्यक उपकरणों की मदद से तेज बहाव वाले नाले के पार फंसे सभी 24 श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।

क्या कहते हैं एडीएम

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) भरमौर विकास शर्मा ने सफल रेस्क्यू आपरेशन की पुष्टि करते हुए अभियान में शामिल पर्वतारोहण संस्थान के जांबाजों, एनडीआरएफ की टीम, लोक निर्माण विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद टीम ने अदम्य साहस का परिचय देकर सभी की जान बचाई।