संवाद सहयोगी, भगेड़ : भगेड़ में श्रीमद्देवी भागवत कथा के सातवें दिन मनुष्य के भवसागर के पार होने का साधन समझाया गया। बाबा प्रेम ने कहा कि मनुष्य जन्म मुश्किल से मिलता है। इस जीवन में अच्छे कर्म ही करने चाहिए। मनुष्य को सतगुरु की शरण में जाकर उनसे नाम लेकर उसका सुमिरन करना चाहिए। तभी भवसागर से मानव रूपी नैया पार लग सकती है। जिस तरह रात के बाद सुबह होती है तथा फल पककर पेड़ से नीचे गिर जाता है, उसी प्रकार यह मनुष्य शरीर भी नष्ट हो जाएगा। इसके लिए हमें प्रभु का सुमिरन करना चाहिए।

Posted By: Jagran

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