कीरतपुर-मनाली फोरलेन किनारे बनेगा हिमाचल का पहला स्काई ग्लास ब्रिज, गोबिंदसागर झील के ऊपर होगा निर्माण
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में कीरतपुर-मनाली फोरलेन किनारे मंडी भराड़ी में प्रदेश का पहला स्काई ग्लास ब्रिज बनेगा। गोबिंदसागर झील ...और पढ़ें

बिलासपुर में गोबिंदसागर झील के ऊपर स्काई ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल का पहला स्काई ग्लास ब्रिज बिलासपुर में बनेगा।
गोबिंदसागर झील पर रोमांचक पर्यटन का नया केंद्र।
टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य।
शुभम राही, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विशेषज्ञों की हरी झंडी मिलने के बाद कीरतपुर-मनाली फोरलेन किनारे मंडी भराड़ी में बनने जा रहे प्रदेश के पहले स्काई ग्लास ब्रिज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना से संबंधित आवश्यक जांच पूरी होने के बाद जिला प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है।
अगला चरण निर्माण कार्य आवंटित करने का है। इसके बाद निर्माता कंपनी की ओर से मौके पर ग्लास लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। गोबिंदसागर झील के ऊपर मंडी भराड़ी पुल के समीप बनने वाला यह स्काई ग्लास ब्रिज आने वाले समय में बिलासपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश में पर्यटन का नया आकर्षण का केंद्र बनेगा।
पर्यटन का नया आकर्षण
बिलासपुर जिले की पहचान गोबिंदसागर झील और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी है। मंडी भराड़ी में प्रस्तावित स्काई ग्लास ब्रिज इसी प्राकृतिक खूबसूरती को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में उभरेगा। ब्रिज पर ग्लास लगने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को झील का नजारा करीब से देखने का अवसर मिलेगा। यह स्थल कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के समीप स्थित है, जिससे हिमाचल आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यहां पहुंचना सुविधाजनक हो सकता है।
अन्य सुविधाएं भी विकसित होंगी
स्काई ग्लास ब्रिज के साथ मंडी भराड़ी क्षेत्र में पर्यटकों के लिए खानपान की सुविधाएं विकसित करने की योजना भी है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से फूड कोर्ट विकसित करने की कवायद शुरू की जानी है। ब्रिज के आसपास खानपान और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने से पर्यटक यहां कुछ समय रुककर झील की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी संभावना है।
क्या होता है स्काई ग्लास ब्रिज
ग्लास ब्रिज ऐसा पुल होता है जिसके फर्श में विशेष मजबूती वाला पारदर्शी कांच लगाया जाता है। इस पर चलने वाले पर्यटक नीचे दिखाई देने वाली झील, नदी, घाटी या प्राकृतिक नजारों को देख सकते हैं। इसे इस तरह डिजाइन किया जाता है कि यह निर्धारित भार सहन कर सके और पर्यटकों को रोमांचक अनुभव मिले। ऐसे पुलों के निर्माण में ग्लास की मजबूती, भार सहने की क्षमता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाता है।
स्काई ग्लास ब्रिज के लिए प्रदेश सरकार की अनुमति मिल गई है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विशेषज्ञों ने इसका विजिट करके सुरक्षा मानकों को देखते हुए हरी झंडी दी है। इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और अब आवंटन होने जा रहा है। कुछ समय के भीतर स्काई ग्लास ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा।
-राहुल कुमार, उपायुक्त बिलासपुर।
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