विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बरमाणा में जयराम ठाकुर का काफिला रोककर नारेबाजी, पूर्व पंचायत उपप्रधान व अन्य लोगों ने दिखाए काले झंडे

By Shubham Rahi Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 06 Sep 2026 06:25 PM (IST)

बिलासपुर के बरमाणा में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के काफिले को रोककर काले झंडे दिखाए गए और नारेबाजी की गई। ...और पढ़ें

बरमाणा में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर का काफिला रोका गया। जागरण

बरमाणा में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर का काफिला रोका गया। जागरण

HighLights

  1. जयराम ठाकुर का काफिला बरमाणा में रोका गया।

  2. स्थानीय ट्रक यूनियन और रोजगार को लेकर विरोध।

  3. पूर्व उपप्रधान नतीश ठाकुर ने काले झंडे दिखाए।

संवाद सहयोगी, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का काफिला बीच सड़क पर रोककर नारेबाजी की गई। बिलासपुर के बरमाणा में कुछ लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। ऐसे में बीच बचाव में पुलिस की टीम आई और काफिले का रास्ता क्लीयर किया। जयराम ठाकुर के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।

कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पंचायत बरमाणा के पूर्व उपप्रधान नतीश ठाकुर ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बरमाणा ट्रक यूनियन से जुड़े लोगों की मांगें पिछले करीब छह माह से लंबित हैं और यूनियन का वेंडर कोड ब्लॉक किए जाने से ट्रक ऑपरेटरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की कि इस समस्या का जल्द समाधान करवाया जाए, ताकि स्थानीय ट्रक आपरेटरों को काम मिल सके।

बरमाणा में बाहरी लोगों को दिया जा रहा रोजगार

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बरमाणा क्षेत्र में स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय बाहर के लोगों को काम दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करने की मांग भी उन्होंने उठाई। 

रोजगार को प्रभावित करने का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थानीय कारोबारियों और कामगारों के रोजगार को लगातार प्रभावित किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी स्थानीय जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। नतीश ठाकुर ने कहा कि बरमाणा के लोगों की मांगों को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सरकार और प्रशासन को गंभीरता से लेकर समाधान करना चाहिए। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार, ट्रक आपरेटरों को काम तथा श्रमिकों को उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की।

यह भी पढ़ें: हिमाचल कैबिनेट बैठक 11 सितंबर को तय, सरकारी नौकरियों पर हो सकता है फैसला; इन प्रमुख विभागों में भरेंगे पद