संवाद सहयोगी, झंडूता : सलाई अध्यापिका संघ झंडूता ने मंगलवार को एसडीएम झंडूता के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि सभी सिलाई कढ़ाई अध्यापिका वर्ष 1997 से सिलाई अध्यापिका के पद पर नियुक्त हुई हैं। लेकिन लगभग 23 वर्ष होने जा रहे हैं और सरकार द्वारा हमारे बारे कोई ठोस नीति आज तक नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि इस समय हमें 6300 रुपयेमासिक मानदेय मिल रहा है। 210 रुपये दिहाड़ी मिल रही है जो एक दिहाड़ीदार से भी कम है। अध्यापिकाओं को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक सिलाई सिखाने के साथ-साथ पंचायत सचिव का भी कार्य करना पड़ रहा है। सिलाई अध्यापिकाओं को अनुबंध पर रखा गया है। अनुबंध तीन साल या पांच साल या अधिकतर आठ साल का हो सकता है। लेकिन हमें समझ नहीं आया कि हमारा अनुबंध क्या 25 साल का है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से ठोस नीति बनवाने के साथ-साथ न्यूनतम वेतन व नियमित करवाने की मांग उठाई है। इस मौके पर तृप्ता देवी, अनिता देवी, रजनी देवी, नीना कुमारी, व सोमा भी उपस्थित रही।

Posted By: Jagran

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