रजनीश महाजन, बिलासपुर

बिलासपुर जिला में बरसात लोक निर्माण विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। हर जगह सड़कें बदहाल हो गई हैं। इनकी मरम्मत के लिए किया गया बजट का प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। जितना मिला वो तो बरसात में भूस्खलन से बंद हुई सड़कों को खुलवाने के लिए लगाए गए वाहनों के डीजल पर ही खर्च हो गया। ऐसे में सवाल पैदा हो गया है सड़कों की दशा सुधरेगी तो कैसे सुधरेगी। बताया जा रहा है कि नुकसान का आकलन कर करीब 45 करोड़ की मांग की गई थी लेकिन एक करोड़ बीस लाख ही मिले हैं।

बिलासपुर सर्कल की सड़कों की हालत बदतर हो गई है। टा¨रग उखड़ने से गड्ढे ही गड्ढे बन गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने जिला की सड़कों की हालत सुधारने के लिए सरकार को बजट का प्रावधान करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। सड़कों की हालत सुधारने के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये बजट की मांग की थी लेकिन जो मिला वो इनकी सुध लेने के लिए नाकाफी है।

बिलासपुर जिला में तीन डिवीजन हैं। इनमें बिलासपुर डिवीजन-एक, डिवीजन-दो तथा घुमारवीं हैं। ऐसे में प्रति डिविजन को चालीस लाख रुपये बजट ही मिल पाएगा। अधिकारियों की मानें तो जितना बजट सरकार ने सड़कों की दशा को सुधारने के लिए दिया है उतना बजट तो बरसात के मौसम में भूस्खलन से बंद हुई सड़कों के खोलने में ही खर्च हो गया है। ऐसे में सड़कों की दशा को कैसे सुधारें, यह सवाल उनके आगे खड़ा हो गया है।

जिला की अधिकांश सड़कों की हालत बेहद ही खस्ताहाल हो चुकी है। सड़कों पर वाहन चलाना जान को जोखिम में डालने के बराबर है। हालांकि विभाग सरकार से और बजट की मांग कर रहा है लेकिन अभी तक प्रावधान नहीं हो पाया है। ऐसे में अधिकारियों को इसी बजट के अनुसार कार्य करना होगा।

उधर, लोक निर्माण विभाग बिलासपुर सर्कल के एसई अजय गुप्ता ने बताया कि बिलासपुर जिला में 45 करोड़ रुपये नुकसान का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। केवल एक करोड़ बीस लाख रुपये बजट का ही प्रावधान हो पाया है। बिलासपुर के प्रत्येक डिवीजन को केवल चालीस लाख रुपये का ही प्रावधान हो सकेगा।

Posted By: Jagran