संवाद सहयोगी, बिलासपुर : उपतहसील भराड़ी के तहत ग्राम पंचायत घंडालवीं के गांव कामली के लिए सड़क लगभग चार दशक के बाद भी नहीं पहुंच पाई है। सड़क का निर्माण 1983 में किया गया था। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी ज्यादा खराब हो जाती है। लोक निर्माण विभाग ने कोठी से कामली के लिए सड़क चिन्हित की है तथा विभाग ने भूमि मालिकों को सूचित करने के एक बोर्ड भी लगाया है। ग्रामीणों में रोष है कि सिर्फ एक किलोमीटर सड़क को ही चिन्हित किया गया है। उसके आगे सड़क के लिए भूमि चिन्हित नहीं की गई है। केवल चिन्हित स्थान वाले लोग ही अपनी भूमि दान दे सकते हैं। ऐसे में इस सड़क के पूरा होने की संभावनाओं पर लोगों ने संदेह जताया है और लोगों की मांग है कि सड़क के लिए जमीन को पूरा चिन्हित किया जाए ताकि यह सड़क पूरी हो सके।

शिशुपाल का कहना है कि वर्षों पहले गांव के लिए सडक निकलना शुरू हुई थी कोठी से थोड़ा जाकर इसे रोक दिया गया था। लेकिन अब दोबारा सडक निर्माण के लिए विभाग ने जमीन को चिन्हित किया है। लेकिन विभाग इसे कामली गांव से भी आगे जाकर दूसरे गंतव्य तक जमीन को चिंहित करे।

अनुज शर्मा का कहना है कि गांव की सड़क समस्या को देखते हुए स्थानीय विधायक राजेंद्र गर्ग ने कामली गांव में कोठी से कामली, समलाह, भटवाड़ा, पपलाह, मलोट संपर्क सड़क व द्रुघ खड्ड पर पुल का निर्माण को प्राथमिकता में प्रस्तावित किया है। सड़क का पूरा निर्माण जरूरी है।

ओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि विभाग को चाहिए कि वो इस रूट के आगे के अन्य स्थानों तक सड़क के लिए भूमि चिन्हित करे ताकि लोग अपना एग्रीमेंट विभाग को दे सके।

सुभाष ठाकुर का कहना है कि सिर्फ एक किलोमीटर सड़क को ही चिन्हित किया गया। उसके आगे कहीं भी सड़क को लिए भूमि चिन्हित नहीं किया गया।

सतीश कुमार शर्मा का कहना है कि सड़क न होने के कारण ग्रामीण खुद का पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं।

सुशील शर्मा का कहना है कि कोठी से कामली जाने के लिए जंगल के रास्ते से जाना पड़ता है। जिसके कारण तेंदुए का भी डर बना रहता है।

रमेश शर्मा का कहना है कि समलाह से कामली की सड़क की हालत काफी खराब है।

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