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यमुनानगर में 6 शराब ठेके सील, 21 करोड़ के फर्जीवाड़े में फंसीं दो फर्में

Published: Sun, 27 Sep 2026 01:44 PM (IST)

यमुनानगर में आबकारी विभाग ने 21 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े के आरोप में दो फर्मों के 6 शराब ठेकों को सील कर दिया है।

फर्जी GRN नंबरों के जरिए जारी कराए गए थे परमिट।

फर्जी GRN नंबरों के जरिए जारी कराए गए थे परमिट।

HighLights

  1. यमुनानगर में आबकारी विभाग ने 6 शराब ठेके सील किए

  2. यह कार्रवाई 21 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े से जुड़ी है

  3. सरकारी सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर फर्जी जीआरएन नंबर बनाए गए

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। आबकारी एवं कराधान विभाग में सरकारी साफ्टवेयर से छेड़छाड़ कर करीब 21 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किए जाने के मामले में विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को दो फर्मों के 6 ठेकों पर सील लगाई गई है। रिकवरी के नोटिस दिए गए है।

शुक्रवार को विभाग की टीम ने। जगाधरी बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, खजुरी रोड सहित 6 ठेकों पर सील लगाई है।

जांच में क्या आया था?

आबकारी विभाग के कलेक्टर की जांच में सामने आया था कि एक्सएस लिकर की एल-13 और एल-1 फर्म को 103 फर्जी जीआरएन नंबरों के आधार पर परमिट मेल किए गए।

इससे सरकार को करीब 12 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का आरोप है। इसी तरह महेंद्र सिंह एंड संस को 65 जीआरएन नंबरों से जारी परमिट के माध्यम से 8 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक का नुकसान बताया गया है।

डीईटीसी जगाधरी जितेंद्र राघव के अनुसार, जांच के लिए हेड ऑफिस से कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है। पहले जांच में 5 करोड़ का फर्जीवाड़ा मिला था जिसकी रिकवरी कर ली गई थी।

अब दोबारा जांच में पता लगा है कि है 21 करोड रुपए का फर्जीवाड़ा है जिसकी रिकवरी की जा रही है। इसके तहत कार्रवाई करते हुए दोनों फर्मों के तीन-तीन शराब ठेकों पर सील लगाई गई है। कुछ रिकवरी हो गई है शेष राशि की भी जल्द ही रिकवरी कर ली जाएगी।

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