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हरियाणा के किसानों को 40 की बजाय 78 लाख रुपये प्रति एकड़ मिलेगा जमीन का मुआवजा: हाई कोर्ट

Published: Sun, 27 Sep 2026 09:51 AM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पानीपत के किसानों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ...और पढ़ें

हाई कोर्ट ने सीवेज प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढ़ाया।

हाई कोर्ट ने सीवेज प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढ़ाया।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने पानीपत के किसानों को बड़ी राहत दी

  2. जमीन का मुआवजा 40 लाख से 78 लाख प्रति एकड़

  3. सीवेज प्लांट के लिए अधिग्रहित भूमि का मामला

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। हाई कोर्ट ने पानीपत के सिवाह गांव में भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब वास्तविक बिक्री विलेख उपलब्ध हों, तो पुराने अवार्ड को यांत्रिक तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। जस्टिस जगमोहन बंसल ने राज्य सरकार और जमीन मालिकों की कई अपीलों पर साझा फैसला सुनाया।

2013 को जारी की थी अधिसूचना

यह मामला 25 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण से संबंधित था। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा चार के तहत 28 फरवरी 2013 को अधिसूचना जारी की गई थी।

भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने 26 सितंबर 2013 को मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया था, जिसके खिलाफ जमीन मालिकों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग की।

कोर्ट ने निर्धारित कि बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़

संदर्भ अदालत ने 23 जनवरी 2017 को बाजार मूल्य बढ़ाकर 64 लाख 64 हजार 102 रुपये प्रति एकड़ कर दिया था। हाई कोर्ट ने पाया कि जमीन मालिकों ने 2010 से 2014 के बीच कई बिक्री विलेख पेश किए, जिनमें कुछ लेन-देन में कीमत एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक थी।

कोर्ट ने कहा कि पुराने अवार्ड को सीधे आधार बनाना उचित नहीं था, क्योंकि तुलनीय बिक्री विलेख उपलब्ध थे। अंततः, कोर्ट ने उचित बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया।

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