जागरण संवाददाता, यमुनानगर : नगर निगम वार्ड छह के प्रताप नगर और रामनगर के लोगों को कीचड़ और जलभराव से पांच वर्ष बाद भी निजात नहीं मिल पाई। यहां के दोनों सीवरेज अर्से से ब्लॉक है। बरसात होने पर घरों में पानी घुस जाता है। इस समय भी यहां की गलियां जलमग्न हैं। मच्छरों की भरमार है। कोई ऐसा घर होगा, जिसमें कोई न कोई बीमार न होता हो। नहीं हो सकी निकासी की व्यवस्था

कॉलोनी निवासी राजकुमार, राम सिंह देशराज ने बताया कि कॉलोनी में 25 वर्ष से रहते हैं। यहां पानी निकासी व्यवस्था नहीं ही है। इस कारण सड़क पर डेढ़ वर्ष से पानी जमा है। इसकी निकासी की व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है। कारण अधिकारी भी उनको नहीं बता पाए। इसके नजदीक प्लाईवुड भी लगी है। अस्पताल भी बना है। सभी लोग एकजुट होकर समस्या हल के लिए गुहार लगाई। समस्या तो दूर की बात किसी अधिकारी ने यहां का दौरा तक नहीं किया। सड़क पर बिन बरसात के इतना पानी रहता है मानो बरसात अभी बंद हुई हो। बरसात के दिनों में उनके घरों में पानी घुस जाता है। इससे उनके घरों का सामान तक खराब हो जाते हैं। सैकड़ों बच्चे स्कूल जाते हैं। कई बार पानी में गिर जाते हैं। समस्या से निदान के लिए विधायक, स्पीकर, वार्ड पार्षद से गुहार लगा चुके हैं। स्थायी हल किसी ने नहीं कराया। यहां के लोगों का कहना है कि प्रशासन हरकत में नहीं आया तो सीएम को शिकायत भेजेंगे। किसी को एलर्जी तो कोई बुखार से रहता पीड़ित

यहां शायद ही कोई ऐसा घर होगा जिसमें कोई बुखार या एलर्जी से पीड़ित न हो। गंदे पानी से मच्छर तो पनप ही रहे हैं साथ ही गंदा पानी पीने के पानी में मिक्स भी हो रहा है। जिस वजह से दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं। कई को एलर्जी । ये लोग खुद ही अपने खर्च पर प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, इन्हें सरकारी सहायता नहीं मिल पाई है। अवनीश एलर्जी, अमृत एलर्जी, अभी एलर्जी, लवली एलर्जी, सोनू बुखार, कपिल बुखार, रिहान एलर्जी, आशा एलर्जी, रमेश रानी एलर्जी, मीरादास को बुखार है।

Posted By: Jagran

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