संवाद सहयोगी, रादौर: कस्बा, जठलाना व गुमथला की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद समय से पहले बंद कर दी गई। हजारों क्विंटल गेहूं फड़ पर खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मंगलवार तक तीनों मंडियों में 220 किसानों का नौ हजार क्विंटल गेहूं बिना बिके पड़ा हुआ है। सैकड़ों किसान बेचने के लिए दिनरात मंडियों में बैठे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने नौ मई को कस्बा की मंडी में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। किसान नेता संजू गुंदयाना ने बताया कि किसान दस मई को डीसी से मिलकर खरीद खोलने की मांग करेंगे। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो किसान अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

गुमथला अनाजमंडी के प्रधान हरबंसलाल मेहता, अशोक कुमार बंसल, सतीश कुमार, श्यामलाल शर्मा, र¨वद्र कुमार, संदीप मेहता, श्रीकांत, प्रदीप कुमार ने बताया मंडी में करीब तीन हजार क्विंटल गेहूं बिकने के लिए पड़ा है। आढ़तियों ने कम से कम दो दिन के लिए खरीद चालू करने की मांग की। पिछले वर्ष मंडियों में गेहूं की खरीद दस मई तक की गई थी। जठलाना अनाजमंडी के आढ़ती श्यामसुंदर बंसल, सुदेश राणा संधाली, धर्मपाल गर्ग, पवन बंसल, प्रधान विनोद गर्ग, रामकुमार, शशीकांत, र¨वद्र मेहता, हरबंसलाल ने बताया करीब 15 सौ क्विंटल गेहूं बिना बिके पड़ा है। इससे किसान व आढ़ती दोनों परेशान हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदयाना व प्रदेश संयोजक बाबुराम गुंदयाना ने बताया निर्धारित समय से पहले खरीद एजेंसियों ने मंडियों में पड़ा गेहूं खरीदने से मना कर दिया। चार मई के बाद मंडियों में गेहूं की खरीद नहीं हुई। अधिकारी स्थानीय किसानों की गेहूं को उत्तरप्रदेश का बताकर खरीदने से आना कानी कर रहे हैं। हैफेड के प्रबंधक पवन कांबोज खुर्दी ने बताया विभाग की ओर से आगामी आदेशों तक मंडियों में गेहूं की खरीद न किए जाने के आदेश दिए हैं। आदेश होंगे तो गेहूं की खरीद शुरू करा दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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