जागरण संवाददाता, यमुनानगर : प्रदूषित हो रहे पर्यावरण पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब प्रशासन ने पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब 33 और किसानों पर पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। चार दिनों में 60 किसानों पर केस दर्ज हो चुके हैं।

धान के अवशेष यानी पराली जलाने वालों की पहचान करने के लिए सेटेलाइट प्रणाली के जरिये जीपीएस सिस्टम से निगरानी कराई गई। इसके तहत उन जगहों की पहचान की जाती है, जहां किसान फसल अवशेषों में आग लगाते हैं। इसकी वजह से प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुणा बढ़ गया है। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि तापमान कम होने के कारण सुबह-शाम प्रदूषण हवा में जम रहा है।

इन पर हुआ केस दर्ज

साढौरा के गुरनाम सिंह, रामकुमार, अमरजीत सिंह, देवेंद्र, छछरौली के लेदी निवासी जमीरो, करण पाल, रामकिशन, कृष्णा देवी, मोनी, सुषमा, रीतू, प्रियंका, राहुल, परवीन बेगम, जीत सिंह, गुरमेज, रणजीतो, सुभाष चंद, तेजबीर, रामकुकार, साहब सिंह, गनौली के उमा प्रसाद, कश्मीरी लाल, सुभाष, कृष्ण गोपाल, साधु राम, रामकिशन, अमन, हरचित, गनौला के धर्मवीर सिंह, रवि प्रकाश, रजनीश कुमार और कोट मुस्तरका के जितेंद्र पर एफआइआर दर्ज हुई है।

Posted By: Jagran

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