जागरण संवाददाता, यमुनानगर : विजय दशमी पर हर साल रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले धूं-धूं कर जलते थे। परंतु इस बार भी शहर में गत वर्ष की तरह कहीं पर भी सार्वजनिक रूप से पुतलों का दहन नहीं होगा। प्रशासन ने कहा था अनुमति तभी दी जाएगी यदि कार्यक्रम में 200 लोगों से ज्यादा नहीं आएंगे। ट्विन सिटी में आधा दर्जन जगहों पर जहां हजारों की संख्या में लोग आते थे वहां भीड़ को कंट्रोल करना संभव नहीं था। इसलिए किसी भी कमेटी या संस्था को पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जा सकी। यही वजह है जहां-जहां पुतले बनाने का काम चल रहा था वहां बीच में ही रोक दिया गया। जहां पर पुतले जलाए जाते हैं वहां पर एक दिन पहले ही उन्हें खड़ा करने की तैयारी शुरू हो जाती थी। हालांकि गली मोहल्लों में बच्चों ने अपने स्तर पर दहन के लिए रावण के छोटे पुतले जरूर बना रखे हैं। बिलासपुर के निवर्तमान सरपंच चंद्रमोहन कटारिया व दीपक सिगला ने बताया कि प्रशासन से कोरोना गाइडलाइन पालन करने की अनुमति ली है। स्कूल ग्राउंड में 20 फीट का रावण दहन किया जाएगा। वहीं साढौरा के लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास 35 फीट के बनाए गए रावण के पुतले का दहन होगा। कई जगहों पर होता था रावण दहन :

हर साल दशहरा ग्राउंड, पेपर मिल, तेजली, जगाधरी में मिल्ट्री ग्राउंड, सिटी सेंटर, आइटीआइ के पास पुरानी सब्जी मंडी, हनुमान गेट समेत कई जगहों पर दशहरे के अवसर पर रावण के पुतले जलाए जाते थे। इन जगहों पर हजारों लोग जुटते हैं और मेले का आयोजन होता है। कोरोना संक्रमण का देखते हुए गत वर्ष की तरह इस बार भी पुतला दहन नहीं हो पाएगा। रादौर में न्यू कृष्णा रामलीला क्लब के प्रधान गुरदयाल सैनी ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इस बार रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाएगा। दमकल विभाग को सूचना नहीं, फिर भी रहेंगे अलर्ट :

जिले में कहां-कहां पर पुतला दहन होगा इसकी सूचना इस बार दमकल विभाग को भी नहीं दी गई। जिला दमकल अधिकारी प्रमोद दुग्गल का कहना है कि हर साल कई जगहों पर रावण के पुतले जलाए जाते थे। परंतु इस बार अभी तक कहीं पुतले जलाने की जानकारी नहीं है। फिर भी दमकल विभाग अलर्ट रहेगा। इसके लिए आइटीआइ चौक, भगत सिंह चौक, विश्वकर्मा चौक पर दमकल की एक-एक गाड़ी खड़ी की जाएगी। इसके अलावा एक गाड़ी को रादौर भेजा जाएगा। ताकि कहीं पुतला दहन होता है तो सुरक्षा के तौर पर वहां समय रहते गाड़ी को भेजा जा सके। अधूरा छोड़ दिया पुतलों का निर्माण :

माडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर सभा के प्रधान हर्षराज धींगड़ा, चंद्र मेहता, राजन बजाज, निखिल बतरा ने बताया कि रावण के पुतले का निर्माण शुरू कर दिया था। वह दहन की अनुमति लेने गए तो अधिकारियों ने कहा कि मौके पर 200 से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होने चाहिए। परंतु ऐसा संभव नहीं था। इस पर्व से हिदू धर्म की आस्था जुड़ी है। इसलिए लोगों को किसी संख्या में बांधा नहीं जा सकता। दहन को देखने के लिए हजारों लोग आते हैं। इसलिए उन्हें अनुमति नहीं दी गई। रावण का केवल सिर बनाने का काम शुरू हुआ था। जिसे बीच में ही रोक दिया गया और कारीगर को वापस भेज दिया गया। इसी तरह श्रीरामलीला कला केंद्र जगाधरी वर्कशाप के कोआर्डिनेटर प्रेम सोनकर ने बताया कि उन्होंने 50 फीट का रावण का पुतला तैयार कराया था। परंतु प्रशासन ने वीरवार देर रात तक अनुमति नहीं दी। अनुमति न देने के पीछे अधिकारियों ने कोरोना प्रोटोकाल का हवाला दिया है। यदि अनुमति मिलती है तो शुक्रवार को दहन किया जाएगा। अनुमति नहीं दी गई है : निशा यादव

सिटीएम निशा यादव का कहना है कि हमारे कार्यालय से रावण दहन के लिए किसी को अनुमति नहीं दी गई है। इससे भीड़ जुटने से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है।

Edited By: Jagran