जागरण संवाददाता, यमुनानगर : बिलासपुर खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौरा में अध्यापक पर 10वीं कक्षा के छात्र की पिटाई करने का आरोप लगा है। छात्र के परिजनों ने पिटाई करने वाले अध्यापक के खिलाफ रणजीतपुर पुलिस चौकी में शिकायत दी है। वहीं, बीईओ की जांच में छात्र से पिटाई का मामला झूठा निकला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लड़कियों के पेंट करने का वीडियो हुआ था वायरल :

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें दो लड़कियां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दीवार पर पेंट कर रही थी। वीडियो में यह दिखाने का प्रयास था कि टीचरों द्वारा बच्चों से दीवारों पर पेंट कराया जा रहा है। यह वीडियो टीचरों तक भी पहुंचा। जिसमें उन्हें स्कूल के ही 10वीं कक्षा के छात्र पर वीडियो बनाने का शक हुआ। टीचरों ने छात्र को घर से परिजनों को बुलाकर लाने को कहा। छात्र के भाई ने चौकी में दी शिकायत :

पुलिस को दी शिकायत में छात्र के भाई ने बताया कि स्कूल अध्यापक ने बृहस्पतिवार को उसके भाई की पिटाई कर दी। इतना ही नहीं सर्दी में अध्यापक ने भाई के जूते व कपड़े भी उतरवाए। इसके बाद नंगे पांव उसे स्कूल से बाहर निकाल दिया। छात्राओं ने लिख कर दिया मजाक कर रहे थे : बीईओ

बीईओ बिलासपुर सतपाल ने बताया कि वे जांच के लिए स्कूल में गए थे। जहां पर उन छात्राओं से पूछताछ की जो वीडियो में दिख रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल के भवन पर रंग, रोगन करने का काम चल रहा है। पेंट कर रहे मजदूर दोपहर को खाना खाने चले गए थे। उसी दौरान स्कूल में भी हॉफ छुट्टी हुई थी। वे दोनों खेल रही थी। खेलते हुए वे वहां रखे डिब्बे से ब्रश उठाकर दीवार पर पेंट करने लगी। उनको किसी ने भी पेंट करने को नहीं कहा। उनका वीडियो किसने बताया उन्हें जानकारी नहीं है। अध्यापकों ने छात्र को घर से पेरेंट्स को बुलाने भेजा था लेकिन उन्होंने मारपीट का आरोप लगाते हुए चौकी में शिकायत कर दी। पिटाई के आरोप सरासर झूठे हैं। ये सब किसी ने साजिश के तहत किया है।

Posted By: Jagran

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