जागरण संवाददाता, यमुनानगर : प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना किसानों के लिए बेमानी साबित हो रही है। योजना के दायरे में आए जिले के 1480 किसानों को लाभ का इंतजार है। पिछले साल बारिश से खराब हुई धान और कम पैदावार के कारण नुकसान झेल चुके किसान कृषि विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सिवाय आश्वासन के अभी कुछ भी हाथ नहीं लग रहा है।

धान के सीजन में 1700 किसानों की लिस्ट मुआवजे के लिए संबंधित बैंक ने तैयार की थी। 220 की लिस्ट अभी कृषि विभाग को मिली है, जिनमें से केवल सौ किसानों के खाते में पैसे पहुंच पाए हैं। शेष को कब मिलेगा यह भी तय नहीं है।

मुआवजे की तीन श्रेणियां

योजना के तहत प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के तहत ऐसे किसानों को प्रभावित खरीफ की फसल का मुआवजा दिया जाना है, जहां जल भराव से फसल खराब हुई है। जिन में किसानों के खेत में बाढ़ का पानी घुसने से फसल बर्बाद हुई है और जिन किसानों की फसल की औसत पैदावार कम है। जिले में केवल बाढ़ का पानी खेत में घुसने और कम पैदावार होने का मुआवजा ही किसानों को मिलेगा। ऐसे किसान लिस्ट में नहीं हैं, जहां खेतों में पानी जमा होने के कारण नुकसान हुआ है।

मिलने हैं दो करोड़ 16 लाख

कुल 1700 किसानों का दो करोड़ 16 लाख रुपये मुआवजा तय हुआ है। प्रभावित किसानों का कहना है कि जब फसल का बीमा किया गया, तो यह आश्वासन दिया गया था कि यदि किसी भी कारण से फसल प्रभावित होती है, तो किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए जल्दी से जल्दी मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन करीब नौ माह बाद भी किसान मुआवजे के लिए धक्के खा रहे हैं। किसानों को यह भी जानकारी नहीं है कि वह मुआवजे के लिए कहां संपर्क करें?

..तो गेहूं का कब मिलेगा मुआवजा

आग लगने से अब तक सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी है और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी उठी है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदयाना का कहना है कि संघ की ओर से जल्दी की प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की जाएगी। उनके मुताबिक 25 अप्रैल को जिला उपायुक्त को ज्ञापन देना था, लेकिन किसी कारणवश कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सुढल का कहना है कि धान की सैकड़ों एकड़ फसल का मुआवजा अभी तक नहीं मिला। सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। जल्दी ही किसानों को मुआवजा देने की मांग की जाएगी।

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यमुना क्षेत्र में पानी के तेज बहाव के कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई थी, लेकिन प्रभावित किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला। प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के दायरे में आने के बावजूद किसान धक्के खा रहे हैं। अब तक चंद प्रभावित किसानों को ही फसल का मुआवजा मिला है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजे की राशी जारी करनी चाहिए।

विकास राणा, युवा प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकिसं।

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प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना किसानों के साथ धोखा साबित हो रहा है। बीमा के नाम पर किसानों के खातों से पैसे तो काट लिए गए, लेकिन प्रभावित फसल का मुआवजा आज तक नहीं मिला। योजना के शुरुआती दौर में सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आई। फसल बीमा योजना को अभी तक किसानों को कोई लाभ नहीं मिला।

किसान पंडित लक्ष्मीचंद।

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ऐसे किसानों की संख्या कम नहीं है जो नुकसान होने के बावजूद आवेदन नहीं कर पाए, लेकिन जिन्होंने किया, उनको भी खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं मिला। करीब 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन किसानों के खाते में मुआवजा राशि नहीं पहुंची। योजना का किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ है।

किसान मोहकम ¨सह।

खरीफ की फसल का मुआवजा मिलने की प्रक्रिया जारी है। 220 किसानों की लिस्ट बैंक अधिकारियों ने विभाग को सौंपी है और सौ किसानों के खाते में मुआवजे की राशि आ चुकी है। शेष किसानों को भी जल्दी ही मुआवजा दे दिया जाएगा।

डॉ. आदित्यप्रताप डबास, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग।

Posted By: Jagran

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