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हथनीकुंड बैराज में डूबे एक कमांडो का शव UP के सहारनपुर से मिला, लाइफ जैकेट और डाइविंग किट भी बरामद

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:29 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 02 Sep 2026 09:58 PM (GMT+05:30)

हथनीकुंड बैराज में मोटरबोट पलटने से डूबे दो कमांडो की तलाश में बुधवार को सघन सर्च ऑपरेशन चला। पानी का ...और पढ़ें

HighLights

  1. हथनीकुंड बैराज पर डूबे एक कमांडो का शव बरामद

  2. पश्चिमी यमुना नहर के गेट डेढ़ घंटे के लिए बंद किए गए

  3. लाइफ जैकेट और डाइविंग किट भी मिली

अवनीश कुमार, यमुनानगर। यमुना नदी पर बने हथनीकुंड बैराज पर मोटर बोट पलटने से डूबे दो कमांडो की तलाश में बुधवार को दिन भर सर्चिंग चलती रही। पानी के बहाव को लेकर सर्चिंग में दिक्कत हुई, क्योंकि बुधवार को हथनीकुंड बैराज पर जलबहाव 30 हजार 719 क्यूसेक रहा।

यहां से पश्चिमी यमुना नहर में 14 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था। एसडीएम जसपाल गिल, तहसीलदार देवेंद्र सिंह सहित प्रशासनिक अमला भी सेना के सहयोग के लिए जुटा रहा।

Hathnikund Barrage (3)

सेना की ओर से पानी बंद करने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन तुरंत पानी बंद करने से अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। सिंचाई विभाग के एसई प्रवीण गुप्ता ने साफ कहा कि पांच राज्यों के लिए यहां से पानी निकलता है। बिना अनुमति बंद नहीं कर सकते।

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हालांकि, प्रशासन की ओर से इस बारे में सरकार को अवगत कराया गया। सेना की ओर से भी अपने मुख्यालय में भी संपर्क किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने अपने स्तर से पश्चिमी यमुना नहर की ओर से चार गेट को बंद कर अन्य छह गेट को खोल दिया। ताकि उस ओर पानी का बहाव कम हो जाए और सर्चिंग की जाए लेकिन उससे भी कमांडो को तलाशने के लिए चल रहे सर्च अभियान में कोई मदद नहीं मिली।

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दोपहर लगभग दो बजे पानी डेढ़ घंटे के लिए बंद करने की अनुमति मिली। दो बजे से तीन बजकर 40 मिनट तक पानी बंद किया गया। हथनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर की ओर से सभी दस गेट बंद किए गए। जिस समय गेट बंद किया गया। पश्चिमी यमुना नहर का जलबहाव 8100 क्यूसेक रहा। हालांकि गेट बंद होने के बाद भी पश्चिमी यमुना नहर में लगभग तीन हजार क्यूसेक पानी चलता रहा।

एक किमी के एरिया में की गई सर्चिंग

कमांडो को तलाशने के लिए प्रशासन की ओर से सरकारी गोताखोर भी बुलाए गए। छह लोगों की टीम पहुंची। जब पानी का बहाव बंद हुआ तो लगभग एक किमी आगे आरडी 900 के पास हाइडल लिंक चैनल व पश्चिमी यमुना नहर पुल पर सर्चिंग की गई। उम्मीद थी कि डूबे हुए कमांडो जाली में फंसे हो सकते हैं लेकिन यहां पर कोई नहीं मिला।

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इसके साथ ही पश्चिमी यमुना नहर की ओर जाल लगाया गया था। ताकि पानी बंद होने के बाद कुछ पता लग सके। इस दौरान यमुना नहर में पानी का बहाव काफी कम हो गया था। सिल्ट दिखने लगी थी। सेना के जवानों ने हथनीकुंड बैराज के पास और आरडी900 के पास सर्चिंग की लेकिन कोई पता नहीं लगा।

दादूपुर हेड पर भी लगी रही टीम

इसी तरह से दादूपुर हेड पर भी सेना की टीम व स्थानीय गोताखोर कमांडो की तलाश में लगे रहे। डेढ़ घंटे तक पानी बंद रहने के बावजूद कुछ पता नहीं लग सका। बाद में जब पानी का बहाव छोड़ा गया तो दादूपुर हेड के पास एकत्र हुई लकड़ियों व गाद में भी सर्चिंग की गई।

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यहां से लाइफ जैकेट मिली है। जबकि ताजेवाला हेड के पास से डाइविंग किट मिली है। इसके अलावा सेना के जवानों ने पश्चिमी यमुना नहर के बीच में पड़ने वाली अराइयांवाला में आरडी 2758 पर भी सर्चिंग की। वहीं, एक कमांडो का शव उत्तर प्रदेश क्षेत्र से बरामद हुआ है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र में जवान का शव मिला। शव मिलने की सूचना बढ़ता चौकी पुलिस को मिली है। 

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एसडीएम जसपाल गिल ने बताया कि प्रशासन की ओर से सेना को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पानी भी बंद कराया गया। अभी तक कुछ पता नहीं लगा है।

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