2 कमांडो की तलाश में 50 जवान जुटे, 17 घंटे से ऑपरेशन जारी; हथनीकुंड बैराज पर कैसे हुआ हादसा?
यमुना नदी पर हथनीकुंड बैराज पर मोटर बोट पलटने से लापता हुए दो कमांडो की तलाश में सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। 1
HighLights
मोटर बोट पलटने से दो कमांडो लापता हुए
हथनीकुंड बैराज पर सेना और एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन
पानी के तेज बहाव के कारण बोट पलटी
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। यमुना नदी पर बने हथनीकुंड बैराज पर मंगलवार शाम मोटर बोट पलटने से लापता दो कमांडो की तलाश में सेना की टीमों के 50 जवान रात एक बजे तक जुटे थे, लेकिन सुराग नहीं लगा।
दो हेलिकॉप्टर भी सर्च अभियान में लगाए गए। पश्चिमी यमुना नहर में पानी का बहाव रात दस बजे 14 हजार क्यूसेक रहा। रेस्क्यू ऑपरेशन में यदि कोई बाधा आती है तो बहाव कम कराया जा सकता है।
घटनास्थल के पास प्रतापनगर थाना पुलिस व उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर थाना की पुलिस टीमें तैनात की गई। हरियाणा व उत्तर प्रदेश की एनडीआरएफ की टीमें भी बुलाई गई। सेना के दो ट्रक और वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस यहां पर पहुंच गई है।
बैराज पर पानी की स्थिति पर लगातार रखी जा रही नजर
लापता कमांडो की तलाश में सेना व गोताखोरों की टीम सर्चिंग कर रही है। बैराज पर पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
डेंजर जोन में पहुंचे कमांडो बोट नहीं झेल पाई खिंचाव
सिंचाई विभाग के प्रत्यक्षदर्शी दो कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मोटर बोट में हेलिकॉप्टर से कमांडो उतरे। वह बोट में ट्रेनिंग के चल दिए। जब वह हथनीकुंड बैराज के पास पहुंचे तो पानी के खिंचाव को मोटर बोट नहीं झेल सकी और वह पलट गई।
यहां पर डेंजर जोन है। कमांडो को खतरे का आभास नहीं हुआ और यह दुर्घटना हो गई। कमांडो के डूबने के बाद हथनीकुंड बैराज पर माहौल बदल गया। आमतौर पर दिन के समय हथनीकुंड बैराज पर लोगों की आवाजाही रहती है।
लापता कमांडो की तलाश में यूनिट और अन्य टीमें रात में भी लगी रही। देर रात तक कमांडो का पता नहीं लग सका था। तलाश लगातार जारी थी। - रोहतास , थाना प्रभारी, प्रतापनगर।
