संवाद सहयोगी, जगाधरी:

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दरुस्त रखने के लिए नगर निगम की ओर से जगाधरी शहर में हर महीने करीब तीन लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। बावजूद इसके शहर अंधेरे में हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी कई महीनों तक लाइट ठीक नहीं होती। निगम के अधिकारी मॉनिटरिग के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। वहीं निगम अधिकारी मामले में ठेकेदार की गलती बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वार्ड नंबर एक के पार्षद संजय राणा का कहना है कि शहर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था पहले से भी बदहाल हो गई है। हालांकि निगम अधिकारी हर वार्ड में दो कर्मचारी तैनात होने का दावा करते हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नजर नहीं आ रहा है। अंधेरे में डूब जाता है कि पुराना बिलासपुर रोड

गौरीशंकर मंदिर के निकट रहने वाले प्रदीप कुमार, राजेश कुमार, वार्ड एक के विशाल का कहना है कि शहर का पुराना बिलासपुर रोड (जड़ौदा गेट से बिलासपुर जाने वाली सड़क) शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है, जबकि यहां से इस सडक़ से रोजाना हजारों लोगों का शहर में आवागमन होता है। हालांकि कुछ जगहों पर रोशनी के लिए लोगों ने अपने स्तर पर लाइट की व्यवस्था कर रखी है। शाम धर्मकांटे से आगे अंधेरे में कुछ दिनों पहले लूटपाट की वारदात हो गई थी। यही वजह है कि रात को राहगीर इससे गुजरने में परहेज करते हैं। गौरी शंकर कालोनी में भी अधिकांश लाइट खराब

कालोनीवासी कौशल्या, श्यामा देवी, कुसुम का कहना है कि गौरी शंकर कालोनी में अधिकांश लाइट खराब पड़ी हुई है। करीब एक महीने पहले निगम अधिकारियों को इस बारे में शिकायत दी। कर्मचारी एक-दो लाइट ठीक कर चले गए, बाकि आज तक यूं ही खराब पड़ी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब सुनवाई ही नहीं होती, तो शिकायत किसे करें। एक जेई के सहारे पूरे शहर की मॉनिटरिग

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मेनटेन करने के लिए एक जेई को जिम्मा दिया गया है। नाम न छापने क शर्त पर अधिकारी ने बताया कि कभी कभार चक्कर मार लिया जाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में व्यस्था को दुरुस्त रखने के लिए किसी प्रकार की मॉनिटरिग हो रही है।

पुराना बिलासपुर रोड व गौरी शंकर कालोनी में खराब लाइटों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। जल्द ही उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा।

- मृनाल जयसवाल, एमई, नगर निगम, यमुनानगर-जगाधरी।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप