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संवाद सहयोगी, रादौर : गांव संधाली में किसान की करीब तीन एकड़ भूमि में खड़ी फसल अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। किसान ने यह भूमि पंचायत से ठेके पर ली हुई है। जिसमें तालाब का ओवरफ्लो पानी जमा हो गया और सारी फसल बर्बाद हो गई। खेत में इतना पानी खड़ा हुआ है कि अब वह दूसरी फसल भी इसमें नहीं उगा सकता। जिसको लेकर प्रभावित किसान ने लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करने व उसे उचित मुआवजा दिलवाने की मांग मुख्यमंत्री व जिला उपायुक्त से की है।

गांव संधाली निवासी किसान सुखविद्र सिंह ने बताया कि उसने गांव की तीन एकड़ पंचायती जमीन को ठेके पर लिया हुआ है। जिसके लिए उसने करीब एक लाख 18 हजार रुपये की राशि चुकाई है। ठेके पर लेने के बाद उसने इस भूमि पर गेहूं व लहसुन की बिजाई की हुई है। इस भूमि के साथ ही गांव का तालाब लगता है, जो काफी समय से गंदगी से अटा हुआ है। जिसकी साफ सफाई को लेकर वह कई बार निवर्तमान सरपंच व संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा चुका है। लेकिन किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर गांव में लगे जलापूर्ति विभाग का ट्यूबवेल आपरेटर भी मनमर्जी से कार्य कर रहा है। वह दिन भर ट्यूवबेल को चलाकर रखता है। जिससे तालाब में लगातार पानी जाता रहता है। उक्त कारणों से तालाब ओवरफ्लो हो चुका है और इसका पानी उसकी फसल में जमा हो गया है। शिकायत आई थी : रवि नायक

जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ रवि नायक ने बताया कि गांव में समयानुसार ट्यूबवेल न चलाने की शिकायत उनके पास आई थी। जिसके बाद उन्होंने गांव में जाकर लोगों से इस बारे बातचीत की लेकिन इस दौरान किसान की ओर से लगाए जा रहे आरोप सही नहीं मिले। फिर भी ट्यूबवेल आपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह समयानुसार की ट्यूबवेल को चलाकर निर्धारित समय पर बंद करे। मामला जानकारी में नहीं : बीडीपीओ

बीडीपीओ दिनेश शर्मा का कहना है कि मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर इस प्रकार की समस्या किसी को आ रही है तो वह मौके पर जाकर इस बारे जानकारी हासिल करेंगे।

Edited By: Jagran