जागरण संवाददाता, यमुनानगर : हरबंसपुरा निवासी कमलेश शर्मा के खाते से बेटे के दोस्त ने ही फोन पे के माध्यम से एक लाख 32 हजार रुपये साफ कर दिए। इसका पता भी उस समय लगा, जब वह बैंक में पैसे निकालने गई। जिस मोबाइल नंबर पर बैंक से मैसेज आते थे। आरोपित वह सिम भी फोन से निकालकर ले गया। अब आरोपित का मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। मामले को लेकर पीड़िता ने गांधीनगर थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने केस दर्ज किया।

पीड़िता कमलेश शर्मा के मुताबिक, उसके पति का वर्ष 2020 में ब्रेन हेमरेज की वजह से निधन हो गया था। वह रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन थे। उनकी एक बेटी सर्बिया में डाक्टर है और बेटे कृष ने दामला से पालिटेक्निक किया है। पालिटेक्निक के दौरान ही बेटे कृष के साथ गुरुग्राम निवासी विक्रम कटारिया नाम का युवक भी पढ़ता था। जिससे उनकी दोस्ती हो गई। इस दौरान विक्रम कई बार कृष के पास घर पर भी रुका। जिस वजह से कमलेश शर्मा भी उसे बेटे की तरह से समझती थी और उस पर विश्वास करती थी। दस जनवरी को विक्रम यहां अपने दोस्त कृष के पास आया था। दो दिन तक वह यहां रुका। 13 जनवरी को वह चला गया था। 17 जनवरी को कमलेश बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गई, तो वहां पर पता लगा कि खाते से एक लाख 32 हजार रुपये निकाले गए हैं। ये रुपये विक्रम कटारिया ने फोन पे के जरिए अपने अकाउंट में ट्रांसफर किए हैं। बेटे को बहलाकर लिया था एटीएम कार्ड :

आरोपित विक्रम कटारिया ने कमलेश शर्मा के बेटे कृष को झांसे में लिया। उसने कृष से कहा कि वह उसका एक हजार रुपये का आनलाइन लोन करा देगा। जिसकी बाद में 20 हजार रुपये की लिमिट बन जाएगी। यह जरूरत में कभी काम आ जाएगा। इस तरह से उसने कृष से एटीएम कार्ड मांगा, लेकिन कृष के पास एटीएम कार्ड नहीं था, तो उसने अपनी मां कमलेश शर्मा का एटीएम कार्ड दे दिया। कमलेश शर्मा ने बताया कि उनके घर पर एक ही फोन है। बेटा भी फोन नहीं रखता। इस फोन में दो सिम थी। एक सिम पर बैंक का खाता लिक है। फोन से उनकी यह सिम भी गायब थी। यह सिम भी आरोपित विक्रम कटारिया निकालकर अपने साथ ले गया।

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