संवाद सहयोगी, देवधर (यमुनानगर) : प्रतापनगर थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में यमुना नदी मंदिर के पास जोरों पर अवैध खनन हो रहा है। सीएम को ट्वीट के बाद सिचाई विभाग की टीम हरकत में आई। मौके पर जाकर जांच की, तो कई फीट तक मंदिर के पास जमीन को खोदा गया था। इसकी फोटोग्राफी भी विभाग की ओर से कराई गई। हालांकि अभी विभाग को खनन करने वालों के बारे में पता नहीं लग सका है। प्रतापनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी गई है। ये सत्तापक्ष के बड़े नेता का गांव है।

दरअसल, सीएम को किसी ने ट्वीट कर शिकायत दी थी कि बहादुरपुर गांव में मंदिर के साथ लगती जमीन में अवैध खनन हो रहा है। इस वजह से मंदिर के ढहने का खतरा बना हुआ है। विभाग को भी इस बारे में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम ऑफिस से इस पर जवाब तलब किया गया, तो अधिकारी हरकत में आए। सिचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल ने दौरा किया। मौके की फोटोग्राफी भी कराई। उसमें मौके पर खनन के निशान मिले। सिचाई विभाग ने खनन विभाग के अधिकारियों को इस बारे में रिपोर्ट दी। अब वहां से पुलिस को शिकायत दी गई है।

खानापूर्ति की खनन विभाग ने

इस मामले में सीएम आफिस से आदेश के बाद अधिकारी हरकत में तो आए, लेकिन खनन करने वालों को बचा लिया गया। पुलिस को जो शिकायत दी गई है उसमें न तो जमीन के मालिक का नाम लिखा है और न ही खनन करने वालों का। नियमानुसार विभाग को राजस्व से रिकॉर्ड लेना चाहिए था। उसके बाद जहां पर अवैध खनन हुई है वहां की पैमाइश करवानी चाहिए थी, ताकि नुकसान बारे जानकारी मिलती।

केस दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं

खनन विभाग के डायरेक्टर अमिताब ढिल्लो ने विधानसभा चुनाव से पहले माइनिग जोन का दौरा किया था। तब भी उनको अवैध माइनिग के निशान मिले थे। इस मामले में 15 दिन पहले माइनिग अधिकारी ने 50 किसानों पर केस दर्ज कराया, लेकिन केस दर्ज होने के बाद इस मामले में आगे कोई कार्रवाई किसी भी विभाग ने करना उचित नहीं समझा। इसी कारण से अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद है।

Posted By: Jagran

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