जागरण संवाददाता, यमुनानगर : बिलासपुर थाना क्षेत्र के गांव निवासी 16 वर्षीय से दुष्कर्म के आरोपित अंकित को कोर्ट ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस केस की सुनवाई चल रही थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमनदीप सिंह ने बताया कि अंकित करीब डेढ़ साल से जेल में बंद था। तभी से इस केस की सुनवाई चल रही थी। लड़की ने 164 के अलग बयान दिए थे और कोर्ट में अलग बयान दिए थे। यही कोर्ट में मजबूत आधार बना। जिसके आधार पर कोर्ट ने अंकित को बरी कर दिया।

पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया था कि 11 सितंबर 2020 को वह रिश्तेदारी में गई थी। इस दौरान घर पर उसकी बेटी अकेली थी। इस दौरान उनकी बेटी को गांव का ही अंकित बहला फुसलाकर ले गया है। जाते हुए वह घर से 20 हजार रुपये भी लेकर गई है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था। 12 सितंबर को किशोरी बरामद हुई। पुलिस ने उसके 164 के बयान कराए थे। उस समय किशोरी ने अंकित के साथ मर्जी से जाने की बात कही थी। बाद में जब केस ट्रायल पर चला, तो कोर्ट में किशोरी ने दुष्कर्म होने की बात कही थी। इस पर केस में चार पोक्सो एक्ट इजाद कर दी गई थी। केस भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपित अंकित को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। अधिवक्ता अमनदीप सिंह ने बताया कि किशोरी ने कोर्ट में बयान दिए थे कि उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर हाथ पैर बांधकर आरोपित बाइक पर ले गया था। जबकि ऐसा संभव नहीं है। इसके साथ ही जब किशोरी घर से गई, तो उसके भाई भी घर पर थे। जहां पर अंकित किशोरी को अपने साथ लेकर गया था। वहां पर उसकी मासी व मासी के बच्चे थे। इसी ग्राउंड पर कोर्ट में बहस हुई। जिस पर कोर्ट ने अंकित को बरी कर दिया।

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