UPI सरचार्ज प्रस्ताव से बिफरे व्यापारी, कहा- मेहनत की पेमेंट पर भी टैक्स, कितना बोझ झेलें
सोनीपत के व्यापारी यूपीआई भुगतानों पर प्रस्तावित अतिरिक्त सरचार्ज से बेहद चिंतित हैं, इसे एक और आर्थिक बोझ बता रहे ...और पढ़ें

यूपीआई सरचार्ज पर व्यापारियों का विरोध डिजिटल इंडिया पर पड़ेगा असर।
HighLights
व्यापारी यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित सरचार्ज से आहत हैं।
इसे व्यापारियों पर एक और बेवजह का आर्थिक बोझ बताया।
सरकार से इस नीति पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की राह पर आगे बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला व्यापारी वर्ग अब यूपीआइ भुगतानों पर प्रस्तावित अतिरिक्त सरचार्ज को लेकर बेहद आहत और चिंतित है। जिला व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने इस कदम को व्यापारियों पर एक और बेवजह का आर्थिक बोझ करार दिया है।
व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी, इनकम टैक्स, बिजली-पानी के बढ़ते बिल, दुकान का किराया और कर्मचारियों के वेतन का भारी खर्च उठाने के बाद अब अपनी ही मेहनत का भुगतान डिजिटल माध्यम से प्राप्त करने पर शुल्क वसूलना सरासर अन्यायपूर्ण है।
व्यापारियों का साफ कहना है कि सरकार को इस नीति पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए, वरना डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का संकल्प कमजोर पड़ जाएगा। इस बारे में दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए व्यापारियों ने अपने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी।
व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की धुरी है और सरकार के साथ मुस्तैदी से खड़ा है। जब हम माल बेचने पर जीएसटी और कमाई पर इनकम टैक्स ईमानदारी से दे रहे हैं, तो अपनी ही मेहनत की पेमेंट लेने पर अतिरिक्त चार्ज क्यों दें? 2,000 से अधिक के यूपीआइ भुगतान पर सरचार्ज लगाने की व्यवस्था को तुरंत रद किया जाए, ताकि डिजिटल इंडिया का आधार मजबूत बना रहे। - संजय सिंगला, प्रधान, जिला व्यापार मंडल, सोनीपत
डिजिटल पेमेंट ने हमारे व्यापार को पारदर्शी और अधिक सुगम बनाया था। अब अगर 2,000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर चार्ज लगेगा, तो ग्राहक और व्यापारी दोनों ही फिर से कैश (नकद) लेन-देन की ओर लौटने को मजबूर होंगे। यह फैसला व्यापार के हित में बिल्कुल नहीं है। सरकार को इस को इस पर फिर से गहन विचार करना चाहिए। - राकेश चोपड़ा, प्रधान, कच्चे क्वार्टर मार्केट एसोसिएशन
छोटे और मध्यम दर्जे के दुकानदारों का मुनाफा पहले से ही बहुत सीमित मार्जिन पर टिका है। डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त फीस कटने से हमारी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। हम पहले ही बढ़ती व्यापारिक लागत से परेशान हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त सरचार्ज हमारे ऊपर दोहरी मार होगी। इस व्यवस्था से व्यापारी वर्ग में निराशा है। सरकार इसे तुरंत रद करे। - मनोज शर्मा, दुकानदार
डिजिटल इंडिया का सपना तभी साकार रह सकता है, जब भुगतान प्रक्रिया सरल और निश्शुल्क हो। ग्राहकों से बड़ी राशि का यूपीआइ पेमेंट लेते समय यदि सरचार्ज जुड़ेगा तो काउंटर पर रोजाना बहस की स्थिति बनेगी। सरकार को व्यापारियों को राहत देते हुए इस व्यवस्था पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। - बिजेंद्र गहलावत, सीमेंट एवं सरिया कारोबारी
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