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सोनीपत: 41 दिन से चल रहे धरने के बीच सफाई कर्मी की मौत, ठेकेदार और सचिव पर केस दर्ज करने की मांग

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:33 AM (IST)

खरखौदा में 41 दिन से चल रहे सफाई कर्मचारियों के धरने के बीच ठेके पर कार्यरत सफाईकर्मी सोनू की मौत ...और पढ़ें

कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा, जांच की मांग।

कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा, जांच की मांग।

HighLights

  1. खरखौदा में 41 दिन से सफाई कर्मचारियों का धरना जारी।

  2. धरने के बीच ठेका सफाईकर्मी सोनू की दुखद मौत हुई।

  3. ठेकेदार, सुपरवाइजर, सचिव पर केस दर्ज करने की मांग।

संवाद सहयोगी, खरखौदा(सोनीपत)। अपनी मांगों को लेकर खरखौदा में 41 दिन से चल रहे सफाई कर्मचारियों के धरने के बीच ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मी सोनू की मौत के बाद कर्मचारियों में रोष है।

सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजा भैया ने धरनास्थल पर पहुंचकर सोनू की मौत के मामले में ठेकेदार, सुपरवाइजर और नगर पालिका सचिव की भूमिका की जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।

राजा भैया ने कहा कि हरियाणा सरकार और नगरपालिका कर्मचारी संघ के बीच हुए समझौते में ठेकेदार, एजेंसी और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को वेतन के साथ ड्यूटी पर वापस लेने के आदेश हुए थे।

उनके अनुसार कई नगरपालिकाओं में 12 से 14 तारीख तक कर्मचारियों की वापसी कर दी गई, लेकिन खरखौदा में यह प्रक्रिया नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि यहां ठेकेदार और सुपरवाइजर ठेका सफाई कर्मचारियों को यह कहकर मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे कि उन्हें काम पर नहीं लगाया जाएगा और हटा दिया गया है। राजा भैया के अनुसार सोनू भी इस दबाव से परेशान था।

छाती में दर्द के बाद पीजीआई में मौत

राजा भैया ने बताया कि मंगलवार पहले सोनू की छाती में दर्द हुआ था। धरना स्थल पर ही उसने यह बात अपने साथी सफाई कर्मचारियों को बताई थी। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और हालत गंभीर होने पर पीजीआई, रोहतक रेफर किया गया, जहां उसने अंतिम सांस ली।

उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका सचिव ने सरकार के निर्णय के बाद समय रहते कर्मचारियों की वापसी को लेकर संज्ञान लिया होता तो सोनू की मौत टाली जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।

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