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सोनीपत: बारिश से मौसम हुआ सुहाना, गेहूं बिजाई को फायदा तो मंडी में धान खरीद प्रभावित

Published: Thu, 29 Oct 2026 04:09 PM (IST)

सोनीपत में हुई बारिश से खाली खेतों में गेहूं की अगेती बिजाई के लिए पर्याप्त नमी मिली है, जिससे किसानों को पलेवा की आवश्यकता नहीं होगी।

गेहूं बिजाई को वर्षा की संजीवनी

गेहूं बिजाई को वर्षा की संजीवनी

जागरण संवाददाता, सोनीपत। तड़के हुई वर्षा और दिनभर रुक-रुक कर जारी रही बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। तापमान में गिरावट दर्ज होने से वातावरण में हल्की ठंडक घुल गई है। वहीं खेती-किसानी के लिहाज से इस वर्षा का मिला-जुला असर देखने को मिला।

खाली पड़े खेतों के लिए यह नमी गेहूं की अगेती बिजाई के लिए संजीवनी साबित हो रही है, तो वहीं अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़े धान में नमी आने से खरीद और उठान की रफ्तार सुस्त पड़ गई।

धान की कटाई के बाद बिजाई की तैयारी

जिले में जिन किसानों ने धान की कटाई के बाद खेत खाली कर रखे थे और बिजाई की तैयारी में जुटे थे, उनके लिए यह वर्षा किसी वरदान से कम नहीं है। मिट्टी में प्राकृतिक नमी आ जाने से किसानों को अब पलेवा (बुआई पूर्व सिंचाई) करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी और बिजाई का काम गति पकड़ेगा। जिले में इस रबी सीजन के दौरान कृषि विभाग ने लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य तय किया है।

ताजा बिजाई वाले खेतों में करंड का अंदेशा

वर्षा का दूसरा पहलू उन किसानों के लिए चिंता का कारण बना है, जिन्होंने मंगलवार या बुधवार को ही गेहूं की बिजाई पूरी की थी। जानकारों का कहना है कि हल्की वर्षा के बाद यदि तेज धूप निकलती है, तो जमीन की ऊपरी सतह सख्त होकर करंड (पपड़ी) का रूप ले सकती है। इससे बीजों के अंकुरण और कोमल पौधों के बाहर निकलने में बाधा पहुंच सकती है। हालांकि वर्षा तेज न होने के चलते अभी बड़े नुकसान की आशंका से राहत है।

मंडी में तिरपाल से ढकी फसल, शेड के नीचे से जारी रही खरीद

सोनीपत की नई अनाज मंडी में इन दिनों धान की आवक तेज है। तड़के हुई वर्षा और दिन में लगातार होती रही बूंदाबांदी के चलते आढ़तियों व किसानों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। खुले फड़ों पर पड़े धान के ढेरों को भीगने से बचाने के लिए तुरंत तिरपालों से ढका गया।

नमी बढ़ने के कारण खुले में पड़ी ढेरी की खरीद प्रक्रिया कुछ समय के लिए प्रभावित रही। हालांकि, मंडी प्रशासन और आढ़तियों की सतर्कता से जो फसल पक्के शेड के नीचे रखी थी, उसकी तौल, खरीद और उठान का कार्य बिना रुकावट जारी रहा।

'मंडी में फसल को ढकने के लिए बंदोबस्त किए गए हैं। धान की फसल की खरीद व उठान किया गया है। नमी की वजह से थोड़ी परेशानी रही है।'

- जितेंद्र कुमार, सचिव, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, सोनीपत

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