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सोनीपत में पिटबुल ने छह माह के बच्चे पर किया जानलेवा हमला, आधा मिनट तक नोंचा

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:12 PM (IST)

सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में एक पिटबुल ने छह महीने के बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और पेट में 20 टांके लगे।

सोनीपत में पिटबुल ने छह माह के बच्चे पर किया जानलेवा हमला, गंभीर रूप से घायल।

सोनीपत में पिटबुल ने छह माह के बच्चे पर किया जानलेवा हमला, गंभीर रूप से घायल।

HighLights

  1. सोनीपत में पिटबुल ने छह माह के बच्चे पर जानलेवा हमला किया।

  2. बच्चे के पेट में गंभीर चोटें आईं, 20 टांके लगे।

  3. दिल्ली में महंगा इलाज, फिर रोहतक पीजीआई रेफर।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। शहर की सिक्का कालोनी में पड़ोसी के पिटबुल ने छह महीने के बच्चे पर हमला कर दिया। लोगों के हटाने के बावजूद कुत्ता बड़ी दरिंदगी से आधा मिनट तक बच्चे को नोंचता रहा। बड़ी मुश्किल से लोगों ने बच्चे को कुत्ते के मुंह से निकाला। बच्चे को मुंह, पेट, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं।

बच्चे को तुरंत नागरिक अस्पताल की एमरजेंसी में ले जाया गया, जहां उसे सीरम, एंटी रेबीज वैक्सीन, टेटनेस व अन्य इलाज देने के बाद रेफर कर दिया गया। स्वजन उसे दिल्ली में शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल ले गए, जहां पर डाक्टरों ने उसके पेट का आपरेशन किया। बच्चे को पेट में 20 टांके लगे हैं।

इलाज में साढ़े तीन लाख रुपये लगने पर स्वजन ने बच्चे को रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया है, जहां उसकी हालत स्थित बनी हुई है। वहीं पड़ोसियों के खतरा जताने पर अपने दोनों पिटबुल को कहीं छोड़ आया है। पुलिस में अभी तक मामले की शिकायत नहीं की गई है।

हरियाणा शहरी विकास निगम में सीवरमैन राकेश ने बताया कि उनका बेटा कैलाश भी नगर निगम में ठेके पर कर्मचारी है। वह सिक्का कालोनी में गुजरिया अस्पताल वाली गली मेंं किराये के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। 14 सितंबर को शाम सवा छह बजे उनकी बेटी कैलाश के छह महीने के इकलौते बेटे अक्षत को गोद में लेकर गली में टहल रही थी।

उनके पड़ोस में राई स्पोट्र्स स्कूल में कार्यरत एक युवक अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने दो खरतनाक किस्म के पिटबुल पाल रखे हैं। वह उन्हें घर में ही बंद रहता है। तभी पड़ाेस का एक युवक पड़ाेसी के घर पर आता है और जैसे ही दरवाजा खोलता है, तभी एक पिटबुल तेजी से बाहर आते हुए उसकी बेटी व पोते पर हमला कर देता है।

कुत्ता दोनों को जमीन पर गिरा देता है और बच्चे को मुंह में दबोच कर नोंचने लगता है। कुत्ता बच्चे को मुंह में दबोचकर इधर-उधर दौड़ता रहा। बेटी ने डरकर शोर मचाया तो कुत्ता और भी आक्रामक हो गया।

कई लोगों ने बच्चे को कुत्ते के मुंह से निकालने की कोशिश की, लेकिन कुत्ते ने लोगों के हटाने के बावजूद बच्चे के चेहरे, पेट, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों को नोंच डाला। आधा मिनट तक लगातार आक्रामक हमलों के बाद एक युवक ने दरवाजा बंद कर कुत्ते को घर में बंद कर दिया, तब जाकर बच्चे की जान बच सकी।

पूरा शरीर घावों से भरा, दिल्ली लेकर दौड़े

राकेश ने बताया कि पोते का पूरा शरीर गहने जख्मों से भरा हुआ था और शरीर से खून बहन रहा था। वे उसे लेकर तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचे, वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर डाक्टरों ने उसके पेट में गंभीर जख्मों को ऑपरेशन कर करीब 20 टांके लगाए।

पूरे इलाज में करीब साढ़े तीन लाख रुपये का बिल आया। गरीब होने के कारण वे निजी अस्पताल का महंगा बिल नहीं झेल सकते थे, इसलिए वे आपरेशन के बाद बच्चे को पीजीआइ रोहतक ले आए। वहां पर बच्चे की हालत स्थित बनी हुई है। दोनों पिटबुल का मालिक पड़ोसी भी उनके साथ था।

यहां पर लगी हैं चोटें

  • दाएं गाल पर पांच जख्म
  • बाएं गाल पर तीन जख्म
  • माथे पर दो जख्म
  • मुंह, पैर और हाथ पर गंभीर चोटें
  • पेट में गंभीर चोट, जिसका ऑपरेशन कर 20 टांके लगाए गए हैं

डॉक्टर की राय : कुत्ते ने बच्चे के चेहरे, पेट में काटा है, इससे उसे रेबीज का खतरा 200 प्रतिशत है, इसलिए उसे सीरम के साथ अन्य इलाज भी दिया गया है।

पड़ोसियों ने जताया जान का खतरा

सिक्का कालोनी में पड़ोस में रहने वाले लोगों ने खतरनाक पिटबुलों से अपने बच्चों व खुद की जान का खतरा जताया। इस पर पड़ोसी युवक दोनों पिटबुलों को किसी फार्म पर छोड़ आया। पड़ोस में रहने वालों ने ऐसे खतरनाक नस्ल के कुत्तों के पालने पर रोक के बावजूद आवासीय क्षेत्र में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं।

करीब 15 दिन पहले भी शहर की इंडियन कालोनी में एक पिटबुल ने घर में काम करने पहुंची घरेलू सहायिका पर हमला कर उसका एक पैर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। बड़ी मुश्किल से घर की मालकिन ने सहायिका की जान बचाई। निजी अस्पताल में महिला का इलाज कराया गया।

उस गली के लोग बताते हैं कि उस पिटबुल के खौफ से कोई भी उनके घर की ओर नहीं जाता। कुत्ता बाहर निकलते ही किसी पर भी हमला कर सकता है। वह लोगों को देखते ही जोर-जोर से भौंकने लगता है। वहीं नागरिक अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों उसके पालतू कुत्ते ने हमला कर उसका होंठ चबा डाला, नर्स ने हाल ही में प्लास्टिक सर्जरी कराई है।

नागरिक अस्प्ताल में रोजाना 40 से अधिक मरीज

नागरिक अस्पताल में कुत्तों, बंदरों के काटने के 40 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से करीब आधे मरीज नए होते हैं, जबकि आधे पुराने होते हैं और अपने एंटी रेबीज वैक्सीन का टीकाकरण का कोर्स पूरा करवाने पहुंचते हैं। एंटी रेबीज सीरम की उपलब्धता को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। कई बार एआरवी व सीरम उपलब्ध नहीं होने से परेशानी झेलनी पड़ती है।

शहर में घूम रहे आवारा कुत्तों का बंध्या करवाया जा रहा है। वहीं, उनको एंटी रेबीज और अन्य टीके भी लगाए जाते हैं। अब तक 10 हजार में से 5300 से ज्यादा कुत्तों का बंध्याकरण किया जा चुका है। वहीं, घरों में कुत्तें पालने वालों को भी टीकाकरण के बारे में बारे में जागरूक किया जाता है। कुत्तों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी आनलाइन व्यवस्था है। प्रतिबंधित कुत्ते रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रविधान है। पुलिस को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। - सतपाल सिंह, सीएसआइ, नगर निगम

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