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खरखौदा बना 'सुपर सिटी': सिसाना, सिलाना समेत दर्जनों गांव अब शहरी दायरे में, दिल्ली-सोनीपत से सीधा जुड़ाव

Published: Thu, 17 Sep 2026 07:04 PM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 07:05 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने खरखौदा के शहरी विस्तार के लिए एक बड़ा क्षेत्र शहरी घोषित किया है। इसका उद्देश्य योजनाबद्ध विकास ...और पढ़ें

खरखौदा का मैप।

खरखौदा का मैप।

HighLights

  1. खरखौदा के आसपास का बड़ा क्षेत्र शहरी घोषित।

  2. योजनाबद्ध विकास, अवैध निर्माण रोकने का लक्ष्य।

  3. मारुति निवेश से क्षेत्र का महत्व बढ़ा।

हरीश भौरिया, खरखौदा। सोनीपत में खरखौदा के शहरी विस्तार को लेकर हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से जारी गजट अधिसूचना में खरखौदा के आसपास के बड़े क्षेत्र को हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास व विनियमन अधिनियम के तहत शहरी क्षेत्र घोषित किया गया है।

इसका उद्देश्य भविष्य में इस क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से विकास और निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करना है। अधिसूचना में पूरे क्षेत्र को दो हिस्सों यानी पाकेट-1 और पाकेट-2 में रखा गया है।

कई गांवों का क्षेत्र शामिल

पाकेट-1 में खरखौदा के आसपास सिसाना, सिलाना, सेहरी और खांडा सहित कई गांवों का क्षेत्र शामिल किया गया है। इसकी सीमा आगे झरोठी और भदाना के आसपास के क्षेत्र से जुड़ती है।

इस हिस्से में खरखौदा नगरपालिका की चारों ओर पांच किलोमीटर की परिधि में पहले से घोषित शहरी क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। यह क्षेत्र आगे रोहतक जिले की सीमा तक जाता है और वहां से फिर आसपास के राजस्व क्षेत्रों से जुड़ता है।

kharkhoda map

सोनीपत से दिल्ली सीमा तक जुड़ता है क्षेत्र

पाकेट-2 में खांडा, झरोठी और भदाना के क्षेत्र शामिल हैं। इस हिस्से की सीमा आगे सोनीपत नगर निगम के पांच किलोमीटर क्षेत्र से जुड़ती है। इसके बाद यह क्षेत्र सोनीपत और कुंडली के आसपास घोषित शहरी क्षेत्र से होते हुए दिल्ली की सीमा तक पहुंचता है।

दिल्ली सीमा से आगे इसका जुड़ाव झज्जर और रोहतक जिले की सीमाओं से होता है। इस तरह नया शहरी क्षेत्र खरखौदा के आसपास के गांवों को सोनीपत, दिल्ली, झज्जर और रोहतक की सीमाओं से जोड़ता है।

नगरपालिका तक सीमित नहीं रहेगा शहरी नियोजन

नई अधिसूचना से साफ है कि खरखौदा में भविष्य का शहरी विकास केवल नगरपालिका की मौजूदा सीमा तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास के गांवों और राजस्व क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है।

साथ ही खरखौदा, सोनीपत और कुंडली के आसपास पांच किलोमीटर की परिधि में पहले से तय शहरी क्षेत्रों को भी सीमा तय करने का आधार बनाया गया है। इससे आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र में विकास को एक योजना के तहत आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार होगा।

जमीन का मालिकाना हक नहीं बदलेगा

शहरी क्षेत्र घोषित होने से जमीन का मालिकाना हक नहीं बदलेगा। जमीन जिस व्यक्ति के नाम है, वह उसी के नाम रहेगी।

हालांकि, इस क्षेत्र में भविष्य में कॉलोनी काटने, निर्माण करने या जमीन के इस्तेमाल में बदलाव के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के नियमों और जरूरी अनुमति का पालन करना होगा। केवल शहरी क्षेत्र घोषित होने से कृषि भूमि पर अपने आप कॉलोनी काटने या निर्माण करने की अनुमति नहीं मिल जाती।

मारुति निवेश से बढ़ा शहरी विस्तार का महत्व

खरखौदा में मारुति के बड़े निवेश, औद्योगिक गतिविधियों, दिल्ली से नजदीकी और तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के बीच आसपास के बड़े क्षेत्र को शहरी क्षेत्र घोषित किए जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे भविष्य में आवासीय, व्यावसायिक और अन्य विकास गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का आधार तैयार होगा।

हालांकि, किसी जमीन पर किस तरह का निर्माण हो सकेगा, यह संबंधित विकास योजना और लागू नियमों के अनुसार ही तय होगा।

सरकार का उद्देश्य खरखौदा को एक सुव्यवस्थित तरीके से विकसित करने की है, जिसमें अवैध निर्माण पर पाबंधी अभी से जरूरी है। इस लिए खरखौदा सहित पांच किलोमीटर के दायरे को शहरी क्षेत्र घोषित किया गया है। अब एक एकड़ से कम की खरीद पर जिला योजनाकार विभाग से अन्नापत्ति प्रमाण पत्र जरूरी होगा।
-राजेंद्र टी शर्मा, डीटीपी, सोनीपत