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सोनीपत में 'खूनी हाईवे', लगातार हादसों से लाल हो रही सड़कें; थम रही जिंदगी की सांसें

Published: Thu, 10 Sep 2026 04:58 PM (IST)

सोनीपत में सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है, इस साल अगस्त तक 301 लोग ...और पढ़ें

सोनीपत में सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।

सोनीपत में सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।

HighLights

  1. सोनीपत में अगस्त तक 301 लोगों की सड़क हादसों में मौत।

  2. एनएच-44 पर हुई लगभग आधी मौतें, 150 लोग मारे गए।

  3. ओवरस्पीडिंग, अवैध कट हादसों का मुख्य कारण बने।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। सड़कों की बदलती दशा के साथ दौड़ते वाहनों की बेलगाम रफ्तार जिंदगी की डोर तोड़ रही है। हादसों पर अंकुश लगाने और मौतों में 20 प्रतिशत कमी के सरकारी लक्ष्य के विपरीत जिले में मौतों का आंकड़ा 15.77 फीसदी बढ़ चुका है।

स्थिति यह है कि इस वर्ष अगस्त तक हुए हादसों में कुल 301 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें से करीब आधी मौतें अकेले एनएच-44 पर हुई हैं।

ओवरस्पीडिंग, यातायात नियमों की अनदेखी और एनएच-44 पर मौजूद अवैध कट इस हाईवे को खूनी बना रहे हैं। पुलिस की चालान कार्रवाई के बावजूद हादसों का ग्राफ थम नहीं रहा है। सड़कों पर सुहाने सफर की उम्मीद लेकर निकलने वाले वाहन चालकों की जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है।

वाहन चालकों को सुरक्षित सफर मुहैया करवाने के लिए सुधारी सड़कों की दशा से वाहनों की गति बढ़ रही है, लेकिन इसमें जिंदगी पिछड़ रही है। सड़कों पर होने वाले हादसों पर पेश है वरिष्ठ संवाददाता विष्णु कुमार की रिपोर्ट:

एनएच-44 पर यहां हैं ब्लैक स्पॉट

1. ड्रेन नंबर आठ से ईएसआइ डिस्पेंसरी, नजदीक प्याऊ मनियारी, कुंडली
2. पहल न्यूट्रिशन के पास से एक्साइड सेंटर से आंतिल आटो वर्क्स, बहालगढ़
3. चिरंजीवी अस्पताल से टूडे डेरिज प्रा. लि., बहालगढ़
4. गुलशन ढाबे से सिद्धार्थ पंजाबी ढाबा, मुरथल
5. मदन ढाबा से झिलमिल ढाबा, मुरथल

एनएच-44 पर 10 अवैध कटों पर बने ब्लैकस्पॉट पर हुए हादसों व मौतों का ब्योरा

क्र. थाना क्षेत्र अवैध कट की लोकेशन तीन साल में हादसे तीन साल में मौतें
1 कुंडली नाथूपुर फ्लाईओवर 07 07
2 कुंडली सूर्या प्राइम बैंक्वेट 05 06
3 कुंडली टीआर मोटर्स, ड्रेन-8 10 11
4 बहालगढ़ रायल ढाबा, बहालगढ़ फ्लाईओवर 09 09
5 बहालगढ़ नियर गोल्डन हट ढाबा, बहालगढ़ 07 06
6 बहालगढ़ संजय मोटर्स स्टोर, बहालगढ़ चौक 07 12
7 बहालगढ़ नियर गणपति ढाबा, देवीलाल पार्क 07 06
8 बहालगढ़ द मैक्स सैलून से चाप 08 07
9 बड़ी शिव शक्ति प्रापर्टी से फैमिली फ्रेंडली रेस्टोरेंट 09 06
10 मुरथल रंगोली ढाबे से सुखदेव ढाबा 08 06

नोट : हादसे व मौतें वर्ष 2023, 2024 व 2025 की हैं।

इस साल हादसों में हुईं मौतें

महीना जिले में कुल मौतें एनएच-44 पर मौतें
जनवरी 41 21
फरवरी 32 16
मार्च 28 14
अप्रैल 44 22
मई 35 17
जून 40 19
जुलाई 39 20
अगस्त 42 21
कुल 301 150
विवरण संख्या
वर्ष 2025 में हादसों में कुल मौतें 428
इस साल अगस्त तक कुल मौतें 301
हादसों में कमी का लक्ष्य 20%
इस साल मौतों का टारगेट 343
एनएच-44 पर जनवरी से अगस्त तक हुई मौतें 150
विवरण संख्या
जिले में हर माह हो रहे औसत हादसे 36
जिले में हर माह हादसों में जा रही औसत जान 42
बिना हेलमेट हर महीने हो रहे चालान 1000
बिना सीट बेल्ट हर महीने हो रहे चालान 250
ओवर स्पीड के हर महीने काटे जा रहे चालान 850
मार्ग का नाम लंबाई
पैरिफेरल एक्सप्रेस-वे 52 किलोमीटर
जीटी रोड 56 किलोमीटर
सोनीपत-गोहाना स्टेट हाईवे 60 किलोमीटर
334बी नेशनल हाईवे 66 किलोमीटर

10 वर्षों में हुए हादसे में हुई मौतें

वर्ष मौतें
2017 511
2018 483
2019 389
2020 487
2021 537
2022 390
2023 379
2024 253
2025 428
कुल 3857

जुलाई में यातायात नियमों की अवहेलना पर काटे चालान

नियम चालान
ओवरस्पीडिंग 1,617
गलत दिशा में ड्राइविंग 1,145
बिना हेलमेट 1,118
बिना सीट बेल्ट 527
ब्लैक फिल्म 529
मोबाइल का प्रयोग 24
शराब पीकर वाहन चलाना 21
नाबालिग द्वारा ड्राइविंग 05

नोट : आरटीए विभाग द्वारा अलग से 242 चालान किए गए।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कितनी बढ़ी मौत

महीना 2025 2026 मृत्यु दर में वृद्धि (प्रतिशत में)
जनवरी 34 41 20.59%
फरवरी 29 32 10.34%
मार्च 38 28 -26.32% (कमी)
अप्रैल 33 44 33.33%
मई 29 35 20.69%
जून 32 40 25.00%
जुलाई 36 39 08.33%
अगस्त 29 42 44.83%
कुल 260 301 15.72%
  • 44.83% की सबसे अधिक वृद्धि अगस्त में हुई मौतों की संख्या में हुई, पिछले वर्ष के मुकाबले
  • 26.32% की गिरावट दर्ज की गई मार्च में हुई मौतों की संख्या में, अन्य महीनों में मृत्यु दर बढ़ी
  • 15.77% की बढ़ोतरी दर्ज की गई पिछले वर्ष के मुकाबले जनवरी से अगस्त तक हुई मौतों में

हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की होने वाली बैठक में हाईवे व सड़कों पर नियमों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए जाते हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपस में समन्वय कर सड़कों पर जहां-जहां खामियां नजर आती हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं। हादसों को रोकना पहली प्राथमिकता है, इसको लेकर गंभीरता से काम किया जा रहा है। - अजय चोपड़ा, अतिरिक्त उपायुक्त

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