हड़ताल और काम में बाधा डालना पड़ा भारी, सोनीपत नगर निगम ने 15 सफाई कर्मचारियों की सेवाएं की समाप्त
सोनीपत नगर निगम ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर कड़ा एक्शन लिया है। निगम ने बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित ...और पढ़ें

नगर निगम में धरने पर बैठे कर्मचारी।
HighLights
सोनीपत निगम ने 15 सफाई कर्मचारियों की सेवा समाप्त की।
कर्मचारी 6 अगस्त से अनुपस्थित थे, हड़ताल में शामिल थे।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। नगर निगम सोनीपत ने लंबे समय से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बड़ा एक्शन लिया है। निगम ने पालिका रोल पर कार्यरत 15 सफाई कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
नगरपालिका रोल कर्मचारी राजा, निर्मला, रविंद्र, ऊषा, बबीता, लता, सुनीता, गीता, कमलेश, राजरानी, बिमला, मीना, कांता, सोनम, नीतू की सेवा समाप्त कर दी हैं।
इन कर्मचारियों पर बिना अनुमति छह अगस्त से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, हड़ताल में शामिल होने, दूसरे कर्मचारियों को काम से रोकने और सरकारी वाहनों व मशीनरी को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। इन कर्मचारियों के खिलाफ मामले भी दर्ज हैं।
निगम की ओर से जारी सेवा समाप्ति आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों को तीन सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर ड्यूटी पर लौटने और तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। निर्धारित अवधि में न तो जवाब दिया गया और न ही कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे। इसके बाद निगम ने सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया।
6 अगस्त से ड्यूटी से अनुपस्थित
सफाई कर्मचारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति और पूर्व सूचना के छह अगस्त 2026 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। निगम ने कर्मचारियों पर खुद काम नहीं करने के साथ दूसरे कर्मचारियों को भी काम से रोकने का आरोप लगाया है।
सफाई वाहनों और सरकारी मशीनरी को नुकसान पहुंचाने के मामले में सिविल लाइन थाने में एक सितंबर को मामला भी दर्ज है। साथ ही नगर निगम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सिविल रिट का भी हवाला दिया है।
निगम के अनुसार, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शहरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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कर्मचारियों को को गैर हाजिर रहने और सफाई में बाधा डालने को लेकर नोटिस भी दिया गया था। इनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा के भी मामले दर्ज हैं। नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद निगम की ओर से सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।
साहब सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
