सोनीपत की अवैध फैक्ट्रियां रात में उगल रहीं जहरीला धुआं, दिल्ली तक पहुंच रहा प्रदूषण
सोनीपत के फिरोजपुर बांगर क्षेत्र में अवैध फैक्ट्रियां रात में स्क्रैप पिघलाकर जहरीला धुआं फैला रही हैं, जिससे पर्यावरण और ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
फिरोजपुर बांगर में अवैध फैक्ट्रियां रात में संचालित।
स्क्रैप पिघलाने से जहरीला धुआं, दिल्ली तक असर।
प्रदूषण बोर्ड की कार्रवाई के बावजूद संचालन जारी।
हरीश भौरिया, सोनीपत। फिरोजपुर बांगर क्षेत्र में संचालित अवैध फैक्ट्रियां पर्यावरण और लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। दिन के समय इन फैक्ट्रियाें पर ताले लटके रहते हैं, लेकिन रात होते ही भट्ठियों में स्क्रैप पिघलाने और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं का काम शुरू हो जाता है।
इनसे निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास के वातावरण में फैल रहा है। स्थिति यह है कि हरियाणा के दिल्ली के गांवों तक के लोगों को प्रदूषण का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इसके बावजूद इन इकाइयों पर प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही।
फैक्ट्रियों के पंजीकरण की स्थिति स्पष्ट नहीं
क्षेत्र में कई ऐसी फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनकी पहचान, वास्तविक कामकाज और प्रशासनिक स्तर पर पंजीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन इकाइयों में स्क्रैप पिघलाने से लेकर भट्ठियां चलाने तक का काम होता है।
प्रदूषण नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इनसे निकलने वाला धुआं सीधे वातावरण में घुल रहा है। वहीं औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले अपशिष्ट और दूषित पानी के कारण जमीन के नीचे के जलस्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं।
जांच में सामने आए थे गंभीर उल्लंघन
बीते वर्ष अक्टूबर में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का दौरा कर औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया था। टीम ने कुल 11 उद्योगों की जांच की थी, इनमें से 10 उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक प्रमाणपत्र लिए बिना संचालित पाए गए थे।
निरीक्षण के दौरान इन इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के उपकरण भी नहीं मिले थे। इसके बावजूद स्क्रैप पिघलाने की प्रक्रिया अब भी जारी है। जांच के दौरान अधिकारियों ने इसे गंभीर पर्यावरणीय उल्लंघन माना था। उनका कहना था कि इस तरह औद्योगिक इकाइयों का संचालन क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
बंद करने के मिले थे निर्देश
संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित इकाइयों को बंद करने के निर्देश दिए थे। संबंधित उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ उनके खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई करने की बात भी कही गई थी। इसके बावजूद मौजूदा समय में भी क्षेत्र की कुछ भट्ठियां से धुआं निकलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि निरीक्षण और कार्रवाई के निर्देशों के बाद भी इन इकाइयों पर प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है। यदि इकाइयां बंद हैं तो रात के समय भट्ठियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की दोबारा जांच कर उनके संचालन, प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था और कार्रवाई की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।
फिरोजपुर बांगर में फरवरी के मेगा ड्राइव चलाकर अवैध फैक्ट्रियों को ढहाया गया था। उस समय 13 अवैध फैक्ट्रियों को सील कर उनके बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। अब 19 फैक्ट्रियों की पहचान की गई है, इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। सीपीसीबी को इनकी सूची भेजी गई है। अवैध फैक्ट्री संचालक रात में ही फैक्ट्रियां चलाते हैं। बोर्ड की टीम को देखते ही ये लोग ताला लगाकर फरार हो जाते हैं। ऐसी सभी फैक्ट्रियों को बंद कराया जाएगा।
- अजय मलिक, आरओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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