अनोखा प्रदर्शन: गोरिल्ला का वेश धारण कर बैठक में पहुंचे जिला पार्षद, सोनीपत के कई मुद्दों को लेकर उठाई आवाज
सोनीपत में जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने गोरिल्ला का वेश धारण कर जिला परिषद की बैठक में अनोखा प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें
HighLights
जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने गोरिल्ला बनकर प्रदर्शन किया।
पेंशन कटौती, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाए गए।
सीईओ ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत में जिला परिषद की बैठक में मंगलवार को जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर विभिन्न जनसमस्याओं को उठाया। वह गोरिल्ला का रूप धारण कर बैठक में पहुंचे और इसी अंदाज में बिगड़ती कानून व्यवस्था, बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने जिला परिषद का कोटा निर्धारित करने की मांग भी रखी।
संजय बड़वासनिया ने कहा कि बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन लगातार काटी जा रही हैं। पेंशन बंद होने के बाद बुजुर्ग अपनी पेंशन दोबारा शुरू करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई बार कार्यालयों में जाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पाता।
मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारी
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को इस उम्र में सरकारी कार्यालयों की लाइन में लगाने के बजाय गांवों में कैंप लगाकर मौके पर ही पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे हैं, पटवारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और किसान, मजदूर तथा व्यापारी भी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले कुछ समाजसेवियों के खिलाफ भी झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। बैठक में सीईओ ने पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए गांवों और शहर में कैंप लगाने तथा संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के संबंध में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही। बैठक में जिला पार्षद संत कुमार, देवेंद्र कुमार, प्रदीप, संदीप, कुलदीप सहित अन्य जिला पार्षद मौजूद रहे।
शहर में वार्डवार कैंप लगाने की मांग
जिला पार्षद ने गांवों के साथ-साथ शहर में भी वार्डवार कैंप लगाने की मांग की। उनका कहना था कि अधिकारियों और कर्मचारियों को लोगों के बीच जाकर समस्याएं सुननी चाहिए, ताकि छोटी-छोटी त्रुटियों के कारण बुजुर्गों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने परिवार पहचान पत्र में आय अधिक दर्ज होने के कारण बीपीएल कार्ड और पेंशन कटने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में परिवार की आय तीन लाख रुपये से अधिक दिखने पर बुजुर्ग की पेंशन काट दी जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस योजना को बुजुर्गों के सम्मान और सहारे के लिए लागू किया गया था, उसमें गलत आय दर्ज होने से बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बोले- महंगाई से बिगड़ रहा रसोई का बजट
संजय बड़वासनिया ने बढ़ती महंगाई पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ने से आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और कमाई के सीमित साधनों के कारण मध्यम और गरीब वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके साथ ही बेरोजगारी भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है।
अधिकारियों की मनमानी पर जताई नाराजगी
जिला पार्षद ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं और जनता और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते।
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उन्होंने कहा कि जो अधिकारी समय पर जनता के काम नहीं करते, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अधिकारियों की लापरवाही जारी रही तो जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना देने और जरूरत पड़ने पर गेट बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ेंगे।
