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सोनीपत में निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्राथमिक शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण शुरू

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:13 PM (GMT+05:30)

सोनीपत जिले में निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया ...और पढ़ें

कटआउट: निपुण हरियाणा मिशन: प्राथमिक शिक्षकों के छह दिवसीय प्रशिक्षण का आगाज  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

कटआउट: निपुण हरियाणा मिशन: प्राथमिक शिक्षकों के छह दिवसीय प्रशिक्षण का आगाज ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्राथमिक शिक्षकों का छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू।

  2. सोनीपत जिले में 1700 अध्यापक और 50 मेंटर्स को मिलेगा लाभ।

  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर केंद्रित।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के सभी सात खंडों में प्राथमिक शिक्षकों के छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ।

यह प्रशिक्षण जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित होता है, लेकिन इस बार शिक्षकों की एसआइआर में ड्यूटी होने के चलते विभाग इसे अब अक्टूबर में आयोजित कर रहा है। करीब चार सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान से जिले के 1700 प्राथमिक अध्यापक और 50 मेंटर्स लाभान्वित होंगे

प्रशिक्षण में 15 बैच संचालित किए जा रहे हैं: मनोज वर्मा

जिला निपुण समन्वयक मनोज वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के प्रथम सप्ताह में कुल 15 बैच संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कथूरा में एक, गन्नौर, गोहाना, खरखौदा व मुंडलाना में दो-दो तथा राई और सोनीपत खंड में तीन-तीन बैच एक साथ चल रहे हैं।

शिविरों का संचालन गन्नौर के रावमावि राजपुर, गोहाना के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कथूरा बीआरसी कार्यालय, खरखौदा के राजकीय माडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, मुंडलाना के रावमावि खंदराई, राई के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीसवांमील तथा सोनीपत खंड में रावमावि शाहपुर तुर्क में किया जा रहा है।

गोहाना में शिविर का शुभारंभ उप जिला शिक्षा अधिकारी सरिता ने किया, जबकि अन्य खंडों में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने इसका उद्घाटन किया। मनोज वर्मा ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) की प्रभावी बाल-केंद्रित पद्धतियों से अवगत कराना है, जिससे कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों को सीखने के बेहतर अवसर मिल सकें।